महाराष्ट्र में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू होगा
महाराष्ट्र सरकार 28 फरवरी, 2026 से राज्यव्यापी एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम शुरू करेगी। इसका उद्देश्य सर्वाइकल कैंसर को रोकना है, जो ह्यूमन पैपिलोमावायरस के कारण होता...

मुख्य बातें
क्या हुआ: महाराष्ट्र 28 फरवरी, 2026 को राज्यव्यापी एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम शुरू कर रहा है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है: इस कार्यक्रम का उद्देश्य सर्वाइकल कैंसर को रोकना है, जो ह्यूमन पैपिलोमावायरस के कारण होता है।
लोगों के लिए क्या बदलेगा: 14 वर्ष की 9.84 लाख लड़कियों को मुफ्त एचपीवी वैक्सीन दी जाएगी। माता-पिता की सहमति अनिवार्य है।
कौन प्रभावित है: महाराष्ट्र में 14 वर्ष की लड़कियां, उनके माता-पिता और राज्य का स्वास्थ्य सेवा तंत्र।
एचपीवी टीकाकरण अभियान का विवरण
महाराष्ट्र सरकार 28 फरवरी, 2026 से ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) के खिलाफ 14 वर्ष की 9.84 लाख लड़कियों का टीकाकरण शुरू करेगी। राज्यव्यापी अभियान राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सर्वाइकल कैंसर को रोकना है। टीकाकरण अभियान में 'गार्डसिल-4' एचपीवी वैक्सीन की एक खुराक दी जाएगी।
वैक्सीन की खरीद और प्रशासन
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग को केंद्र सरकार से एचपीवी वैक्सीन की 9,47,380 खुराकें मिली हैं। प्रत्येक लड़की को उसकी बाईं बांह पर 0.5 मिली की खुराक मिलेगी। टीकाकरण के बाद, उनकी बाईं छोटी उंगली के नाखून को मार्कर पेन से चिह्नित किया जाएगा।
लॉन्च और पंजीकरण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय लॉन्च अजमेर, राजस्थान में किया जाएगा। महाराष्ट्र मुंबई के नायर अस्पताल में पांच लड़कियों का टीकाकरण करके अपने अभियान की शुरुआत करेगा। पंजीकरण और प्रमाण पत्र वितरण केंद्र सरकार के 'यू-विन' पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से किया जाएगा।
स्वैच्छिक भागीदारी और माता-पिता की सहमति
टीकाकरण स्वैच्छिक है, और माता-पिता की सहमति आवश्यक है।
इस टीकाकरण का उद्देश्य 14 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी लेकिन 15 वर्ष की आयु पूरी नहीं करने वाली लड़कियों को एचपीवी के खिलाफ टीका लगाकर भविष्य में सर्वाइकल कैंसर को रोकना है।
पात्रता और संभावित दुष्प्रभाव
विभाग का लक्ष्य राज्य में 9,84,414 लड़कियों का टीकाकरण करना है, जिनकी उम्र 14 साल है लेकिन अभी तक 15 साल की नहीं हुई है।
सर्वाइकल कैंसर ह्यूमन पैपिलोमा वायरस के कारण होता है और यह एकमात्र ऐसा कैंसर है जिसे टीकाकरण द्वारा रोका जा सकता है।
संभावित दुष्प्रभावों में बुखार, सिरदर्द या इंजेक्शन स्थल पर सूजन शामिल है, जो 2-3 दिनों के भीतर ठीक हो जाती है। प्रत्येक केंद्र पर तत्काल उपचार के लिए चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
गंभीर बीमारियों वाली लड़कियां, खमीर से एलर्जी वाले लोग, गर्भवती महिलाएं...को टीका नहीं दिया जाएगा।
आगे क्या देखें
आने वाले महीनों में महाराष्ट्र भर में एचपीवी टीकाकरण अभियान की प्रगति पर नजर रखें। कार्यक्रम के प्रभाव और भविष्य के विस्तार के संबंध में आगे की जानकारी जारी की जाएगी।
