कोलार में निर्माणाधीन इमारत से गिरकर मजदूर की मौत, मोबाइल पर बात करते वक्त हुआ हादसा
फोन पर बात करते वक्त आठवीं मंजिल से गिरा मजदूर भोपाल के कोलार क्षेत्र के मंड़किनी कॉलोनी में मंगलवार रात एक दर्दनाक हादसे में एक...

फोन पर बात करते वक्त आठवीं मंजिल से गिरा मजदूर
भोपाल के कोलार क्षेत्र के मंड़किनी कॉलोनी में मंगलवार रात एक दर्दनाक हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, नितेश बैरागी (30) नामक युवक आठवीं मंजिल से नीचे गिर गया। उसके साथी मजदूरों ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
नितेश रायसेन जिले के चौपड़ा गांव का रहने वाला था और रोज़गार के लिए भोपाल आया था। वह मंड़किनी चौराहा स्थित एक निर्माणाधीन इमारत में काम कर रहा था।
हादसा कैसे हुआ
प्रत्यक्षदर्शी और साथी मजदूर रवि ने पुलिस को बताया कि हादसा रात करीब 10 बजे हुआ।
“हम सभी छत की स्लैब पर काम खत्म कर खाना खा रहे थे। तभी नितेश को फोन आया। वह बात करते हुए ऊपर चला गया। कुछ ही देर बाद एक तेज आवाज आई, हमने देखा कि वह नीचे गिरा पड़ा है,” रवि ने कहा।
प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह फिसलना
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि नितेश मोबाइल पर बात करते वक्त संतुलन खो बैठा और फिसल गया। वह सीधे पांचवीं मंजिल की बालकनी पर गिरा, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं।
साथी मजदूरों ने तुरंत उसे जेके अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने आगमन पर ही मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी
कोलार पुलिस ने मामले में मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था थी या नहीं और क्या काम के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था।
एक अधिकारी ने बताया,
“हम यह भी जांच कर रहे हैं कि मजदूरों के पास हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट या अन्य सुरक्षा गियर उपलब्ध थे या नहीं। यदि लापरवाही पाई गई तो ठेकेदार या साइट मैनेजर पर कार्रवाई की जाएगी।”
शहर में बढ़ रहे निर्माण हादसे
भोपाल में पिछले कुछ महीनों में निर्माण स्थलों पर सुरक्षा की अनदेखी के कई मामले सामने आए हैं। मजदूर संगठनों का कहना है कि ठेकेदार और बिल्डर अक्सर मजदूरों को सुरक्षा उपकरण नहीं देते, जिससे ऐसी घटनाएँ बार-बार हो रही हैं।
श्रमिक संघ के पदाधिकारी संतोष अहिरवार ने कहा,
“सरकार को सख्त दिशा-निर्देश लागू करने चाहिए। हर साइट पर सुरक्षा निरीक्षण और बीमा कवरेज अनिवार्य किया जाए, तभी मजदूरों की जानें बच सकेंगी।”
निष्कर्ष
नितेश बैरागी की मौत ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है — क्या भोपाल जैसे शहरों में निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा के मानक केवल कागज़ों तक सीमित हैं? पुलिस जांच के बाद ही यह साफ होगा कि यह हादसा महज एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी या गंभीर लापरवाही का नतीजा।
