जिला स्तर तक पहुंचेगा औद्योगिक संवाद, सतना में बनेगा नया इंडस्ट्रियल पार्क: सीएम मोहन यादव
मध्य प्रदेश सरकार राज्य में औद्योगिक निवेश को गति देने के लिए अब सेक्टर-विशेष उद्योग संवाद (कॉनक्लेव) को जिला स्तर तक ले जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ....

मध्य प्रदेश सरकार राज्य में औद्योगिक निवेश को गति देने के लिए अब सेक्टर-विशेष उद्योग संवाद (कॉनक्लेव) को जिला स्तर तक ले जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को सतना में आयोजित विंध्य ट्रेड फेयर के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि राज्य का यह क्षेत्रीय उद्योग संवाद मॉडल केंद्र सरकार के स्तर पर भी सराहा गया है, और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इसकी प्रशंसा की है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इस मॉडल के सकारात्मक परिणाम पहले ही सामने आने लगे हैं। कटनी में खनन क्षेत्र पर केंद्रित कॉनक्लेव के बाद अब सतना में एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग) कॉनक्लेव आयोजित करने की योजना है।
सतना को मिलेगा नया औद्योगिक पार्क
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सतना विंध्य क्षेत्र का एक प्रमुख व्यापारिक और औद्योगिक केंद्र है। इसी को ध्यान में रखते हुए यहां 100 एकड़ भूमि पर नया औद्योगिक पार्क विकसित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य स्थानीय संसाधनों और उद्यमियों को बढ़ावा देकर क्षेत्रीय असंतुलन को कम करना है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्यमियों के साथ हर कदम पर खड़ी है, ताकि मध्य प्रदेश मजबूत बुनियादी ढांचे के साथ विकास की दौड़ में अग्रणी बने और युवाओं के लिए अधिक रोजगार के अवसर सृजित हों।
कनेक्टिविटी और पर्यटन को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों में विंध्य क्षेत्र में हवाई संपर्क को बेहतर किया गया है। साथ ही, धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं शुरू की गई हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि नए वर्ष में राज्य के नागरिकों को सरकारी बस सेवाओं की सौगात दी जाएगी, जिससे ग्रामीण और शहरी इलाकों में आवागमन आसान होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि निवेशकों के लिए भी क्षेत्र अधिक आकर्षक बनेगा।
सड़क सुरक्षा और सामाजिक पहल
मुख्यमंत्री ने ‘राहवीर योजना’ का उल्लेख करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद करने वालों को सरकार प्रोत्साहित कर रही है। योजना के तहत, यदि कोई व्यक्ति घायल को अस्पताल पहुंचाने में मदद करता है, तो उसे 25,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, इसका उद्देश्य समय पर इलाज सुनिश्चित कर जान बचाना है।
बजट, रोजगार और कृषि पर फोकस
डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में राज्य के बजट को लगभग 7 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। युवाओं को रोजगार देने के साथ-साथ स्वरोजगार के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
सरकार ने होटल उद्योग के लिए 30 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान किया है। वहीं, रोजगार सृजन करने वाले उद्योगों को प्रति श्रमिक 5,000 रुपये वेतन सहायता दी जा रही है।
किसानों को सोलर पंप और भारी सब्सिडी
कृषि क्षेत्र की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 32 लाख किसानों को 90 प्रतिशत सब्सिडी पर सोलर पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे किसानों को बिजली बिल और अस्थायी कनेक्शन की समस्या से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि 60,000 रुपये की लागत वाले पंप पर किसानों को लगभग 53,000 रुपये की सब्सिडी मिल रही है। कुल मिलाकर सरकार इस योजना के तहत लगभग 30,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी दे रही है।
व्यापक प्रभाव
नीति विशेषज्ञों के अनुसार, जिला स्तर पर उद्योग संवाद, कनेक्टिविटी में सुधार और लक्षित सब्सिडी योजनाएं मध्य प्रदेश को निवेश के लिए अधिक प्रतिस्पर्धी बना सकती हैं। यदि ये योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू होती हैं, तो इससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा, बल्कि युवाओं के लिए स्थायी रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
