BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
National

पाटलिपुत्र स्टेशन पर उपद्रव: रेलवे ने ऑन-डिमांड ट्रेनें घोषित कीं, उपद्रवियों पर सख्त कार्रवाई

पाटलिपुत्र स्टेशन पर परीक्षार्थियों के हंगामे के बाद पथराव हुआ, पुलिसकर्मी घायल हुए। रेलवे ने 'ट्रेन ऑन डिमांड' सेवाएँ शुरू कीं और उपद्रवियों पर सख्त...

Jun 14
4 मिनट में पढ़ें
पाटलिपुत्र स्टेशन पर उपद्रव: रेलवे ने ऑन-डिमांड ट्रेनें घोषित कीं, उपद्रवियों पर सख्त कार्रवाई
  • क्या हुआ: शनिवार देर रात पाटलिपुत्र स्टेशन पर परीक्षार्थियों का आंदोलन पथराव और ट्रेन सेवाओं में बाधा में बदल गया।
  • यह क्यों मायने रखता है: इस अशांति के कारण पटना आईजी जितेंद्र राणा सहित पुलिस अधिकारियों को चोटें आईं, और परीक्षार्थियों व यात्रियों के लिए यात्रा में महत्वपूर्ण बाधा उत्पन्न हुई।
  • क्या बदलेगा: रेलवे अब यात्रियों की संख्या के आधार पर आधे घंटे के भीतर विशेष 'ट्रेन ऑन डिमांड' (टीओडी) सेवाएं चलाएगा; हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी
  • कौन प्रभावित हैं: यात्रा संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे परीक्षार्थी, पाटलिपुत्र स्टेशन पर यात्री, पुलिस और रेलवे अधिकारी सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।

पाटलिपुत्र स्टेशन पर अशांति, नई रेल नीति लागू

शनिवार देर रात पाटलिपुत्र स्टेशन पर परीक्षार्थियों के आंदोलन के बाद पटना में भारी अशांति देखी गई, जिसके चलते रेलवे अधिकारियों को एक बड़ा नीतिगत बदलाव लागू करना पड़ा। इस गड़बड़ी के कारण झड़पें हुईं, जिसमें पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा।

इस अराजकता के जवाब में, रेलवे ने एक नया उपाय घोषित किया है: यदि परीक्षार्थियों की बड़ी भीड़ जमा होती है, तो विशेष 'ट्रेन ऑन डिमांड' (टीओडी) सेवाएं अब आधे घंटे के भीतर संचालित होंगी, जिसका उद्देश्य सुगम यात्रा सुनिश्चित करना है।

अशांति बढ़ी, झड़पों में अधिकारी घायल

पाटलिपुत्र स्टेशन पर हुए आंदोलन में उपद्रवियों ने पथराव किया, जिससे कई अधिकारी घायल हो गए। पटना आईजी जितेंद्र राणा की गर्दन में चोट लगी, और घटना के दौरान अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए।

आईजी जितेंद्र राणा के अनुसार, लगभग 200-250 असामाजिक तत्वों ने, जो छात्रों का वेश धारण किए हुए थे, ट्रेनों को जाने से रोका। उन्होंने लगभग दो घंटे तक व्यापक व्यवधान पैदा किया, जिसके कारण पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

"रात 11:45 बजे के आसपास तीन-चार सौ युवाओं जैसे छात्र आए, उनका उद्देश्य व्यवधान पैदा करना था। वे विशेष ट्रेन की मांग करते हुए पटरियों पर बैठ गए थे," रेल आईजी अमरेश कुमार ने कहा।

भीड़ को समझाने के शुरुआती प्रयास विफल होने के बाद पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस, हवाई फायरिंग और लाठीचार्ज का इस्तेमाल करना पड़ा।

रेलवे ने परीक्षार्थियों के लिए 'ट्रेन ऑन डिमांड' नीति लागू की

परीक्षार्थियों द्वारा सामना की जाने वाली बार-बार की यात्रा चुनौतियों को संबोधित करते हुए, रेलवे ने टीओडी ट्रेनों को तुरंत चलाने का निर्णय लिया है। इस निर्णय का उद्देश्य बड़ी भीड़ को कुशलता से प्रबंधित करना और भविष्य में होने वाली बाधाओं को रोकना है।

"परीक्षार्थियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए, संबंधित दिशा की टीओडी को आधे घंटे के भीतर चलाने का निर्णय लिया जाएगा," एक रेलवे अधिकारी ने बताया। दानापुर मंडल ने अकेले रविवार को परीक्षार्थियों की भीड़ को समायोजित करने के लिए 15 टीओडी ट्रेनें चलाईं।

पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने इस नई नीति का समर्थन करने के लिए प्रत्येक मंडल में विशेष रैक की उपलब्धता की पुष्टि की। टीओडी ट्रेनों को भेजने की प्रक्रिया परीक्षार्थियों की संख्या में महत्वपूर्ण वृद्धि होते ही शुरू हो जाएगी, जिससे प्रतीक्षा समय कम होगा और कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू

पाटलिपुत्र स्टेशन पर हुई हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अधिकारियों ने कड़े कदम उठाए हैं। घटना के दौरान एकत्र किए गए तस्वीरों और वीडियो फुटेज से पहचान किए गए व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी

ध्यान उन असामाजिक तत्वों की पहचान करने और उन पर मुकदमा चलाने पर है जिन्होंने पथराव किया और रेलवे परिचालन को गंभीर रूप से बाधित किया, ताकि हुई क्षति और चोटों के लिए जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।

"उपद्रव पैदा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी," रेलवे और पुलिस अधिकारियों ने जोर दिया।

आगे क्या देखना है

विभिन्न स्टेशनों पर, विशेष रूप से परीक्षा के चरम समय के दौरान, नई टीओडी नीति के प्रभावी कार्यान्वयन का आकलन करने के लिए निरंतर निगरानी की जाएगी। पाटलिपुत्र स्टेशन की घटना में शामिल उपद्रवियों की पहचान और कानूनी कार्यवाही पर आगे के अपडेट की उम्मीद है, क्योंकि अधिकारी अपनी जांच जारी रखे हुए हैं।