सेंट्रल विस्टा तर्ज पर पुनर्विकास: सतपुड़ा भवन के भविष्य पर सवाल, पीडब्ल्यूडी टेंडर वापस
मध्य प्रदेश सरकार की प्रस्तावित ‘स्टेट कैपिटल कॉम्प्लेक्स’ परियोजना—जिसे सेंट्रल विस्टा की तर्ज पर विकसित किया जाना है—के चलते सतपुड़ा भवन एक बार फिर चर्चा...

मध्य प्रदेश सरकार की प्रस्तावित ‘स्टेट कैपिटल कॉम्प्लेक्स’ परियोजना—जिसे सेंट्रल विस्टा की तर्ज पर विकसित किया जाना है—के चलते सतपुड़ा भवन एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। इसी बीच भवन के नवीनीकरण से जुड़ा एक सरकारी टेंडर सामने आने और फिर अचानक वापस लिए जाने से प्रशासनिक तैयारियों और समन्वय पर सवाल खड़े हो गए हैं।
नवीनीकरण का टेंडर और अचानक बदला रुख
18 दिसंबर को लोक निर्माण विभाग (PWD), भोपाल जोन के मुख्य अभियंता कार्यालय द्वारा सतपुड़ा भवन के ए और बी विंग में स्थित मध्य प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPSEDC) के लिए “इंटीरियर और रिनोवेशन कार्य” का 5.85 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया था।
परियोजना से जुड़े इंजीनियरों के अनुसार, यह टेंडर इस धारणा पर निकाला गया था कि सेंट्रल विस्टा जैसी बड़ी पुनर्विकास योजना को शुरू होने में अभी लंबा समय लगेगा। सोमवार दोपहर तक PWD और MPSEDC से जुड़े अधिकारी इसी आधार पर नवीनीकरण कार्य को वैध बता रहे थे।
हालांकि, शाम होते-होते स्थिति बदल गई। MPSEDC के प्रबंध संचालक आशीष वशिष्ठ ने स्पष्ट किया कि यह नवीनीकरण प्रस्ताव 2025 की शुरुआत का है और बाद में PWD को सूचित कर दिया गया था कि अब इस कार्य की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने पुष्टि की कि टेंडर वापस ले लिया गया है।
हालांकि रिपोर्ट दाखिल किए जाने तक PWD की वेबसाइट पर यह टेंडर औपचारिक रूप से सूची से हटाया नहीं गया था। इस मामले पर संपर्क करने पर PWD के एक वरिष्ठ अधिकारी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
सतपुड़ा भवन में जल्द शुरू हो सकता है ध्वस्तीकरण
इसी बीच मध्य प्रदेश हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (MPHIDC) ने संकेत दिए हैं कि सतपुड़ा भवन और आसपास के ढांचों को गिराने की प्रक्रिया आने वाले हफ्तों में शुरू हो सकती है। बोर्ड के अनुसार, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने वाली एजेंसी का चयन जनवरी तक कर लिया जाएगा। शुरुआती चरण में सतपुड़ा भवन की पार्किंग सुविधा से ध्वस्तीकरण कार्य शुरू होने की संभावना है।
पहले से जारी हैं प्रशासनिक तैयारियां
इस बड़े पुनर्विकास की आहट पहले ही मिल चुकी थी। 17 जुलाई को सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने वल्लभ भवन और सतपुड़ा भवन में कार्यरत सभी विभागों को नोटिस जारी कर यह निर्देश दिया था कि पुनर्विकास के दौरान प्रभावित होने वाले कर्मचारियों की पहचान की जाए और उनके लिए अस्थायी कार्यालय व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इसके बाद 20 नवंबर को मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए सामने आया कि अररा हिल्स स्थित पुराने सरकारी भवनों—जिसमें आग से क्षतिग्रस्त सतपुड़ा और विंध्याचल भवन भी शामिल हैं—को तोड़कर लगभग 140 एकड़ में फैला नया ‘स्टेट कैपिटल कॉम्प्लेक्स’ विकसित किया जाएगा।
क्यों अहम है यह परियोजना
सरकार का दावा है कि यह परियोजना प्रशासनिक ढांचे को आधुनिक बनाएगी, कार्यालयों को एकीकृत करेगी और राजधानी भोपाल को नई पहचान देगी। वहीं, विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण और पुनर्निर्माण से पहले स्पष्ट रोडमैप, समयसीमा और विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है—ताकि अनावश्यक खर्च और प्रशासनिक भ्रम से बचा जा सके।
निष्कर्ष
सतपुड़ा भवन के नवीनीकरण टेंडर का जारी होना और फिर उसका वापस लिया जाना इस बात का संकेत है कि सेंट्रल विस्टा शैली के पुनर्विकास को लेकर अभी भी कई स्तरों पर स्पष्टता की जरूरत है। आने वाले हफ्तों में DPR, ध्वस्तीकरण की शुरुआत और कर्मचारियों के स्थानांतरण जैसे फैसले यह तय करेंगे कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना कितनी सुचारू और पारदर्शी ढंग से आगे बढ़ती है।
