दिल्ली विश्वविद्यालय महिला छात्रावास: निष्कासन और 'वसूली' पर आधी रात को प्रदर्शन
दिल्ली विश्वविद्यालय के महिला छात्रावास में छात्रों ने निष्कासन और कथित वसूली के खिलाफ आधी रात को प्रदर्शन किया। छात्रों ने सुविधाओं की बहाली और...

मुख्य बातें: दिल्ली विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी हॉस्टल फॉर विमेन (UHW) में छात्रों ने आधी रात को विरोध प्रदर्शन किया।
महत्व क्यों: यह विरोध परीक्षा अवधि के दौरान छात्र कल्याण और प्रशासनिक प्रथाओं को लेकर चिंताओं को उजागर करता है।
क्या परिवर्तन: छात्र सुविधाओं की बहाली और कथित वित्तीय दंडों को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं।
कौन प्रभावित: मुख्य रूप से दिल्ली विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी हॉस्टल फॉर विमेन (UHW) की महिला निवासी।
दिल्ली विश्वविद्यालय महिला छात्रावास में आधी रात को प्रदर्शन
दिल्ली विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी हॉस्टल फॉर विमेन (UHW) में 22 मई, 2026 को देर रात विरोध प्रदर्शन हुआ। छात्रों ने महत्वपूर्ण परीक्षाओं के दौरान जबरन निष्कासन और वसूली का आरोप लगाया है।
लगभग 9:30 बजे शुरू हुए इस प्रदर्शन में छात्र छात्रावास के बाहर जमा हुए। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई का कड़ा विरोध किया।
वसूली और सुविधा व्यवधान के आरोप
छात्रों का दावा है कि प्रशासन कठोर शर्तें लगा रहा है। कथित तौर पर उन्हें नियमित समय सीमा के बाद रहने के लिए प्रतिदिन 450 रुपये अतिरिक्त देने के लिए कहा जा रहा है।
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स' एसोसिएशन (AISA) छात्रों का समर्थन करता है। AISA ने अतिरिक्त शुल्क को "दंडात्मक वसूली आदेश" बताया।
पानी की कटौती और अध्ययन कक्ष से कुर्सियाँ हटाना
प्रदर्शनकारियों ने आवश्यक सुविधाओं में व्यवधान का आरोप लगाया। उन्होंने छात्रावास के दो ब्लॉकों के कुछ हिस्सों में पानी की आपूर्ति में कटौती की सूचना दी। छात्रों का यह भी दावा है कि अध्ययन कक्ष से कुर्सियाँ हटा दी गईं। इससे उनकी देर रात की अध्ययन तैयारियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा।
उनका कहना है कि इस संस्थागत उदासीनता ने मानवीय गरिमा की सभी सीमाओं को पार कर लिया है।
कार्रवाई की मांग
छात्रों ने तत्काल पानी की आपूर्ति और अध्ययन सुविधाओं की बहाली की मांग की है। उनकी मांगों में शामिल हैं:
- छात्रावास में रहने की बिना शर्त वृद्धि।
- कोई अतिरिक्त वित्तीय दंड नहीं।
- छात्रावास के प्रोवोस्ट का इस्तीफा।
क्या पिछले आश्वासन तोड़े गए?
छात्र समूहों का दावा है कि 16 मई को पहले एक लामबंदी हुई थी। प्रोवोस्ट ने कथित तौर पर सुविधाओं और समय सीमा के बारे में मौखिक आश्वासन दिया था। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रशासन ने बाद में उन वादों को वापस ले लिया।
विश्वविद्यालय की प्रतिक्रिया का इंतजार
नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की है। विश्वविद्यालय की चुप्पी से तनाव और बढ़ गया है।
आगे क्या देखना है
विश्वविद्यालय की आधिकारिक प्रतिक्रिया का बेसब्री से इंतजार है। यदि स्थिति अनसुलझी रहती है तो आगे विरोध और बातचीत संभव है।
