रुबियो के बयान के बाद कांग्रेस ने भारत की विदेश नीति में अमेरिकी भूमिका पर सवाल उठाए
मार्को रुबियो के बयान के बाद कांग्रेस ने भारत की विदेश नीति पर अमेरिकी प्रभाव को लेकर चिंता जताई है। इससे भारत की स्वायत्तता पर...

मुख्य बातें: मार्को रुबियो के वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति के भारत दौरे की घोषणा के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भारत की विदेश नीति पर अमेरिका के प्रभाव पर सवाल उठाया। इस बयान से भारत के विदेश नीति निर्णयों की स्वायत्तता और संभावित बाहरी प्रभाव को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इससे भारत के अंतर्राष्ट्रीय संबंधों और राजनयिक रणनीतियों में बदलाव आ सकते हैं।
कांग्रेस ने जताई चिंता
कांग्रेस पार्टी ने भारत की विदेश नीति के फैसलों पर अमेरिका के संभावित प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की है। यह चिंता अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के वेनेजुएला के राष्ट्रपति की आगामी भारत यात्रा के बारे में दिए गए बयान के बाद जताई गई है।
जयराम रमेश का बयान
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें उन्होंने मियामी में श्री रुबियो की टिप्पणी को उजागर किया। वीडियो में क्वाड बैठक के लिए रुबियो की भारत यात्रा और वेनेजुएला के राष्ट्रपति की यात्रा की घोषणा का उल्लेख था। यह पोस्ट शुक्रवार, 22 मई, 2026 को किया गया था।
"अमेरिका के पास भारत की विदेश नीति के लिए और क्या है?"
स्वायत्तता पर सवाल
कांग्रेस केंद्र सरकार से भारत के राजनयिक जुड़ावों को आकार देने में अमेरिका की भागीदारी की सीमा के बारे में सवाल कर रही है। पार्टी यह स्पष्टता मांग रही है कि क्या भारत के विदेश नीति के फैसलों को बाहरी ताकतें प्रभावित कर रही हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय संबंधों में भारत की संप्रभुता पर असर पड़ सकता है।
इन चिंताओं पर भारत सरकार की प्रतिक्रिया पर बारीकी से नजर रखी जाएगी। वेनेजुएला के राष्ट्रपति की यात्रा और भारत की विदेश नीति के लिए व्यापक निहितार्थों के आसपास की स्थिति को स्पष्ट करने के लिए अमेरिका और भारत सरकार दोनों से आगे के बयानों की उम्मीद है।
