BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
National

शौचालय में मिली नवजात बच्ची की लाश: मध्य प्रदेश में शिशु परित्याग की भयावह हकीकत फिर उजागर

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया सिविल अस्पताल में सोमवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब अस्पताल के शौचालय के...

Dec 17
3 मिनट में पढ़ें
शौचालय में मिली नवजात बच्ची की लाश: मध्य प्रदेश में शिशु परित्याग की भयावह हकीकत फिर उजागर

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया सिविल अस्पताल में सोमवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब अस्पताल के शौचालय के कमोड में फंसी नवजात बच्ची का शव बरामद किया गया। इस घटना ने न सिर्फ अस्पताल प्रशासन और पुलिस को हिलाकर रख दिया, बल्कि राज्य में लंबे समय से चली आ रही शिशु परित्याग और लैंगिक भेदभाव की गंभीर समस्या पर भी फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।


कैसे सामने आया मामला

अस्पताल की एक महिला कर्मचारी ने देखा कि शौचालय का फ्लश काम नहीं कर रहा है। जब उसने कमोड के भीतर झांककर देखा, तो नवजात शिशु का हाथ और सिर दिखाई दिया। तुरंत अस्पताल प्रबंधन को सूचना दी गई। इसके बाद एएनसी, पीएनसी और लेबर रूम सहित सभी वार्डों में जांच की गई कि कहीं कोई महिला बच्चे को जन्म देकर अस्पताल से बिना सूचना दिए चली तो नहीं गई, लेकिन ऐसी कोई मरीज नहीं मिली।


पुलिस जांच और शुरुआती आशंकाएं

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। नगर पालिका कर्मचारियों और अस्पताल स्टाफ की मदद से शौचालय को तोड़कर रात करीब 8 बजे बच्ची का शव बाहर निकाला गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच से आशंका है कि कोई गर्भवती महिला ओपीडी समय के दौरान अस्पताल में आई, शौचालय में ही प्रसव किया और फिर बच्ची के शव को फ्लश कर नष्ट करने की कोशिश की। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि यह घटना सामाजिक दबाव और कन्या जन्म से जुड़ी मानसिकता का नतीजा हो सकती है।


सीसीटीवी और रिकॉर्ड खंगाले जा रहे

मामले में अज्ञात महिला की पहचान के लिए अस्पताल परिसर में लगे 26 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, ओपीडी रजिस्टर और स्टाफ की ड्यूटी सूची खंगाली जा रही है। हालांकि जिस शौचालय में शव मिला, वहां कोई कैमरा नहीं था, जिससे जांच चुनौतीपूर्ण हो गई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।


मध्य प्रदेश में शिशु परित्याग: चिंताजनक आंकड़े

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की क्राइम इन इंडिया 2023 रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश पिछले कई वर्षों से शिशु परित्याग के मामलों में देश में शीर्ष पर बना हुआ है।

  • 2023: 140 मामले (देशभर में कुल 653)

  • 2022: 174 मामले

  • 2021: 159 मामले

  • 2020: 186 मामले

  • 2019: 187 मामले

इसी रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2023 में राज्य में भ्रूण हत्या के 20 और शिशु हत्या (इन्फैंटिसाइड) के 12 मामले दर्ज किए गए। विशेषज्ञों का मानना है कि ये आंकड़े सामाजिक जागरूकता, महिला सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल उठाते हैं।


विशेषज्ञों और प्रशासन की प्रतिक्रिया

स्वास्थ्य और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएं सिर्फ कानून-व्यवस्था का मामला नहीं हैं, बल्कि यह गहरे सामाजिक ढांचे, लैंगिक असमानता और सुरक्षित मातृत्व सेवाओं की कमी को दर्शाती हैं।
वहीं स्थानीय प्रशासन का कहना है कि दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी और अस्पतालों में निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने पर विचार किया जा रहा है।


क्यों अहम है यह मामला

यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि उस मानसिकता का आईना है जहां आज भी कन्या जन्म को बोझ समझा जाता है। यह स्वास्थ्य व्यवस्था, सामाजिक सुरक्षा तंत्र और जन-जागरूकता अभियानों की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े करती है। यदि समय रहते इन मुद्दों पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे अमानवीय मामले दोहराते रहेंगे।