क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई: कटारा हिल्स से ‘ओजी गांजा’ तस्कर गिरफ्तार, साथी फरार
भोपाल में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत क्राइम ब्रांच ने शनिवार को एक युवक को अवैध मादक पदार्थ तस्करी के आरोप में...

भोपाल में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत क्राइम ब्रांच ने शनिवार को एक युवक को अवैध मादक पदार्थ तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 10.28 ग्राम हाई-ग्रेड ओजी (ओशन ग्रोन) गांजा बरामद किया गया है। कार्रवाई के दौरान उसका एक साथी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हैं।
कैसे हुई गिरफ्तारी
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (क्राइम) शैलेंद्र सिंह चौहान के अनुसार, क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली थी कि एक युवक कटारा हिल्स इलाके में प्रतिबंधित ओजी गांजा बेचने के लिए ग्राहक का इंतजार कर रहा है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी।
तलाशी के दौरान आरोपी की जेब से एक पॉलीथिन बैग बरामद हुआ, जिसमें 11 छोटे एयरटाइट सैशे रखे थे। इन सैशे में कुल 10.28 ग्राम ओजी गांजा पाया गया।
क्या-क्या जब्त हुआ
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से:
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10.28 ग्राम हाई-ग्रेड ओजी गांजा
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एक मोबाइल फोन
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एक मोटरसाइकिल (जिसका इस्तेमाल सप्लाई में किया जा रहा था)
जब्त की है। पुलिस के मुताबिक, गांजा, मोबाइल और बाइक की कुल अनुमानित कीमत करीब 2.15 लाख रुपये आंकी गई है।
फरार आरोपी की तलाश
कार्रवाई के दौरान आरोपी का एक सहयोगी मौके से भागने में सफल रहा। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी भी भोपाल का ही रहने वाला है। उसकी पहचान कर ली गई है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
पूछताछ में अहम खुलासे
गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में गांजा की खरीद, सप्लाई चेन और स्थानीय नेटवर्क को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। पुलिस इन इनपुट्स के आधार पर आगे की जांच कर रही है, ताकि शहर में सक्रिय अन्य तस्करों तक पहुंचा जा सके।
क्यों अहम है यह मामला
ओजी (ओशन ग्रोन) गांजा को हाई-पोटेंसी कैनाबिस माना जाता है, जिसकी मांग युवाओं में तेजी से बढ़ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसकी अधिक मात्रा मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है। ऐसे में कम मात्रा में भी इसकी तस्करी पर सख्त कार्रवाई पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है।
आगे की कार्रवाई
क्राइम ब्रांच ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के साथ-साथ गांजा की सप्लाई के स्रोत और संभावित खरीदारों की पहचान पर भी फोकस किया जा रहा है।
