BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
National

कोलकाता में बाबरी-शैली मस्जिद निर्माण पर विवाद की आंच भोपाल तक, ‘बाबर’ नामकरण पर बवाल—पुलिस ने बैनर जब्त किए

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद जैसी संरचना के निर्माण को लेकर उपजी राजनीतिक गरमाहट का असर सोमवार को भोपाल में भी दिखा। स्थानीय...

Dec 10
3 मिनट में पढ़ें
कोलकाता में बाबरी-शैली मस्जिद निर्माण पर विवाद की आंच भोपाल तक, ‘बाबर’ नामकरण पर बवाल—पुलिस ने बैनर जब्त किए

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद जैसी संरचना के निर्माण को लेकर उपजी राजनीतिक गरमाहट का असर सोमवार को भोपाल में भी दिखा। स्थानीय हिंदू संगठन ‘हिंदू उत्सव समिति’ के प्रदर्शन के दौरान पुलिस से झड़प हो गई और अधिकारियों ने मुगल बादशाह बाबर का उल्लेख करने वाले बैनर जब्त कर दिए।


प्रदर्शन का कारण: बंगाल के बेलडांगा में विवादित निर्माण

विवाद की पृष्ठभूमि पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले से जुड़ी है, जहां निलंबित टीएमसी विधायक हमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद जैसी शैली का दावा करने वाली संरचना की आधारशिला रखी।
यह तारीख 1992 में अयोध्या में हुई बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी भी है, जिससे यह कदम और विवादित हो गया।

टीएमसी ने कबीर से दूरी बना ली है और उन्हें पिछले सप्ताह पार्टी से निलंबित कर दिया गया था।
कबीर का कहना है कि “कोई ताकत उन्हें निर्माण शुरू करने से रोक नहीं सकती,” जबकि विपक्ष—खासतौर पर भाजपा—ने उन पर “धार्मिक भावना भड़काने” का आरोप लगाया है।
कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मुर्शिदाबाद प्रशासन ने पूरे सप्ताहांत भारी पुलिस बल तैनात रखा।


भोपाल में प्रदर्शन: ‘बाबर’ नाम का प्रतीकात्मक विरोध

भोपाल के सेकंड स्टॉप इलाके में एकत्र हुए हिंदू उत्सव समिति के कार्यकर्ताओं ने मुर्शिदाबाद के विवादित निर्माण के खिलाफ आवाज उठाई।
समूह के कुछ सदस्यों ने एक सार्वजनिक शौचालय का प्रतीकात्मक रूप से ‘बाबर सुलभ टॉयलेट’ नामकरण करने की कोशिश की और इसके लिए वे “बाबर” लिखे बैनर लेकर आगे बढ़े।

पुलिस ने समूह को शौचालय परिसर की ओर बढ़ने से रोका, जिसके बाद थोड़ी देर के लिए धक्का-मुक्की की स्थिति बनी।
अधिकारियों ने “बाबर सुलभ टॉयलेट” वाला बैनर और एक अन्य पोस्टर जब्त कर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया।


संगठन का पक्ष

हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने मीडिया से कहा कि वे किसी भी मस्जिद का नाम बाबर पर रखने के विरोध में हैं।
उनका कहना था,

“अगर मस्जिद बनानी है तो उसका नाम डॉक्टर अब्दुल कलाम या अशफाक उल्लाह खान जैसे महान व्यक्तियों के नाम पर रखिए, बाबर के नाम पर नहीं।”


कानूनी पृष्ठभूमि: हाई कोर्ट ने हस्तक्षेप से किया था इनकार

मुर्शिदाबाद के विवादित निर्माण को रोकने की मांग पर कलकत्ता हाई कोर्ट ने निर्देश दिया था कि न्यायालय इसमें हस्तक्षेप नहीं करेगा और स्थानीय प्रशासन स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखे।
इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग बेलडांगा में इकट्ठा हुए—हाथों में ईंट, रेत और पत्थर लेकर—कबीर के समर्थन में।


टीएमसी की रणनीति: ‘सामहति दिवस’ का आयोजन

निलंबित विधायक की गतिविधि से खुद को दूर करते हुए तृणमूल कांग्रेस ने राज्य में ‘सामहति दिवस’ (एकता दिवस) मनाने की घोषणा की, ताकि सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश दिया जा सके।
पार्टी नेताओं का कहना है कि वे किसी भी ऐसी गतिविधि के पक्ष में नहीं हैं जिससे राजनीतिक या धार्मिक तनाव बढ़े।


बड़ी तस्वीर: राजनीतिक ध्रुवीकरण व साम्प्रदायिक तनाव का बढ़ता जोखिम

  • बंगाल की सियासत में यह मुद्दा पहले से ही संवेदनशील है।

  • बाबरी मस्जिद से जुड़े प्रतीक, वर्षगांठ और ऐतिहासिक संदर्भ इस विवाद को और जटिल बनाते हैं।

  • भोपाल में हुआ प्रदर्शन दर्शाता है कि यह मामला राज्य की सीमाओं से परे जाकर राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन सकता है।

सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मुद्दे स्थानीय कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकते हैं और सोशल मीडिया पर इनके राजनीतिक स्वरूप लेने का जोखिम अधिक है।