BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
Business

SEBI की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई: अवधूत साठे पर 546 करोड़ की पेनल्टी, मार्केट से बैन

भारतीय बाजार नियामक SEBI ने फिनफ़्लुएंसरों पर अब तक का सबसे कड़ा प्रहार किया है।Avadhut Sathe Trading Academy (ASTA) के संस्थापक अवधूत साठे को सिक्योरिटीज...

Dec 5
2 min read
SEBI की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई: अवधूत साठे पर 546 करोड़ की पेनल्टी, मार्केट से बैन

भारतीय बाजार नियामक SEBI ने फिनफ़्लुएंसरों पर अब तक का सबसे कड़ा प्रहार किया है।
Avadhut Sathe Trading Academy (ASTA) के संस्थापक अवधूत साठे को सिक्योरिटीज मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया गया है और 546 करोड़ रुपये की भारी राशि इम्पाउंड करने का आदेश दिया है।

SEBI को मामला कैसे पता चला?

  • शिकायतें मिलीं कि ASTA केवल ट्रेनिंग नहीं दे रहा, बल्कि लाइव मार्केट में स्टॉक/फ्यूचर्स के BUY–SELL कॉल भी दे रहा है।

  • SEBI ने वीडियो, WhatsApp ग्रुप, सोशल मीडिया पोस्ट, पेमेंट डिटेल और स्टूडेंट्स के बयान जुटाए।

  • एक लाइव सेशन में साठे को Bank Nifty Futures का एंट्री, टार्गेट और स्टॉप-लॉस बताते पाया गया—जो साफ तौर पर इंवेस्टमेंट एडवाइजरी है।

क्यों माना गया कि यह ‘शिक्षा’ नहीं बल्कि ‘अवैध सलाह’ थी?

SEBI की मुख्य टिप्पणियाँ—

1. Specific Trade Calls = Advisory

  • एंट्री/एग्जिट पॉइंट बताना

  • लाइव ट्रेडिंग गाइडेंस

  • WhatsApp ग्रुप में रीयल-टाइम निर्देश

ये सब शिक्षा नहीं, बल्कि सीधे–सीधे स्टॉक सलाह मानी गई।

2. Guaranteed Profit इमेज बनाना

  • कोर्स बेचने के लिए सिर्फ प्रॉफिट वाले ट्रेड के स्क्रीनशॉट दिखाए गए।

  • नुकसान छुपाए गए – यह निवेशक सुरक्षा नियमों के खिलाफ है।

3. महंगे कोर्स, असल में एडवाइजरी का एक्सेस

  • 6.75 लाख रुपये तक की फीस लेकर लोग “काउंसलिंग बैच” से रीयल–टाइम ट्रेडिंग सलाह पा रहे थे।

4. पहले चेतावनी के बाद भी जारी रहा काम

  • 2024 में SEBI ने चेतावनी दी थी, लेकिन सलाह देना जारी रहा, बस और प्राइवेट कर दिया।

SEBI ने अब क्या आदेश दिए?

  • अवधूत साठे, ASTA और डायरेक्टर गौरी साठे को मार्केट से पूर्ण प्रतिबंध

  • शेयर खरीद–बिक्री, न कोई एडवाइजरी, न लाइव ट्रेड कॉल

  • सभी बैंक अकाउंट फ्रीज

  • 546 करोड़ रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट में SEBI के लियन के तहत रखने होंगे

  • सभी क्लाइंट डेटा, फाइनेंशियल रिकॉर्ड, बैंक स्टेटमेंट, GST डिटेल SEBI को सौंपनी होगी।

क्यों यह केस इतना बड़ा है?

  • पहली बार किसी फिनफ़्लुएंसर से इतनी बड़ी रकम (₹546 करोड़) इम्पाउंड की जा रही है।

  • SEBI ने साफ संदेश दिया:
    अगर कोई “ट्रेनर” भी स्टॉक-स्पेसिफिक सलाह देता है, तो उसे रजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट एडवाइज़र माना जाएगा और कार्रवाई होगी।

SEBI की चेतावनी – आगे से क्या अवैध माना जाएगा?

यदि कोई भी फिनफ़्लुएंसर करता है:

✔ लाइव ट्रेड दिखाना
✔ Buy-Sell कॉल देना
✔ Entry–Exit टार्गेट देना
✔ WhatsApp/Telegram पर स्टॉक टिप्स
✔ “Guarantee” या “High Accuracy Strategy” का प्रचार

तो वह सीधे गैर–कानूनी निवेश सलाह की श्रेणी में आएगा।