ट्विशा शर्मा दहेज मृत्यु: SC हस्तक्षेप के बाद अंतिम संस्कार
मॉडल-अभिनेत्री ट्विशा शर्मा का अंतिम संस्कार सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद भोपाल में हुआ। परिवार दहेज हत्या का आरोप लगा रहा है।

मुख्य बातें:
- क्या हुआ: मॉडल-अभिनेत्री ट्विशा शर्मा का मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए दूसरे पोस्टमार्टम के बाद, उनकी मृत्यु के 12 दिन बाद भोपाल में अंतिम संस्कार किया गया।
- महत्व क्यों: मामला दहेज मौतों और न्याय के लिए संघर्ष पर चिंताओं को उजागर करता है, कथित संस्थागत पूर्वाग्रह के कारण सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप को प्रेरित करता है।
- लोगों के लिए क्या बदलता है: सर्वोच्च न्यायालय का स्वत: संज्ञान न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास बहाल करता है, जिससे पीड़ित के लिए निष्पक्ष जांच और न्याय मिलने की संभावना है।
- कौन प्रभावित: ट्विशा शर्मा का परिवार, जो दहेज उत्पीड़न का आरोप लगा रहा है और उसके पति और ससुराल वालों के खिलाफ न्याय की मांग कर रहा है।
अंतिम संस्कार में आक्रोश
ट्विशा शर्मा का अंतिम संस्कार रविवार को भोपाल के एक श्मशान घाट में किया गया। चिकित्सा औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद उनके पार्थिव शरीर को परिवार को सौंप दिया गया, जिसके बाद यह समारोह हुआ। अंतिम संस्कार के दौरान जनता का ध्यान केंद्रित था। परिवार लगातार इस मामले में न्याय की मांग कर रहा है, जो उनके अनुसार दहेज हत्या का मामला है।
सर्वोच्च न्यायालय का हस्तक्षेप
ट्विशा शर्मा के चचेरे भाई, आशीष शर्मा ने मामले का स्वत: संज्ञान लेने के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने दूसरे पोस्टमार्टम कराने के लिए परिवार के संघर्ष पर ध्यान दिया।
"हम सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले के लिए आभारी हैं जो न्याय में विश्वास बहाल करेगा। हमें दूसरे पोस्टमार्टम के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ा। कम से कम अब परिवार अंतिम संस्कार करने में सक्षम होगा, जो चिकित्सा प्रक्रियाओं के तुरंत बाद किया जाएगा।"
न्याय की मांग
ट्विशा के चाचा, लोकेश शर्मा ने भी सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास व्यक्त किया।
"एक आम आदमी सिर्फ विश्वास कर सकता है क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लिया है। हमें उम्मीद है कि हमें न्याय मिलेगा। हम रिपोर्ट आने से पहले अंतिम संस्कार करेंगे।"
मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और विपुल एम पंचोली की सर्वोच्च न्यायालय की पीठ सोमवार को मामले की सुनवाई करने वाली है।
कानूनी लड़ाई जारी
ट्विशा के पिता, नवनिधि शर्मा, और राज्य सरकार ने अलग-अलग मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। वे भोपाल की एक अदालत द्वारा गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग कर रहे हैं। दोनों याचिकाओं पर सुनवाई सोमवार को होनी है।
आरोपी की गिरफ्तारी
ट्विशा के पति और मुख्य आरोपी, समर्थ सिंह को शुक्रवार शाम गिरफ्तार किया गया। उन्होंने जबलपुर जिला अदालत परिसर में आत्मसमर्पण कर दिया। एफआईआर दर्ज होने के बाद से सिंह फरार था। उन्होंने पहले मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में दायर अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापस ले ली थी। भोपाल की एक अदालत ने उन्हें सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
मामले की पृष्ठभूमि
नोएडा की मॉडल-अभिनेत्री ट्विशा शर्मा 12 मई को मृत पाई गई थीं। वह अपने ससुराल वालों के घर भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में मिली थीं, अधिवक्ता समर्थ सिंह से शादी के कुछ महीने बाद। उनके परिवार ने उनके पति और उनके परिवार, जिसमें सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह भी शामिल हैं, पर दहेज उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है।
आगे क्या देखें
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय सोमवार को अग्रिम जमानत रद्द करने की याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। सर्वोच्च न्यायालय में भी सोमवार को सुनवाई होनी है और जांच में आगे के निर्देशों के लिए इस पर बारीकी से नजर रखी जाएगी।
