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समाज की नब्ज परखेगा एनजीओ, जनकल्याण की योजनाओं में पारदर्शिता की नई इबारत लिखेगा

2 अक्टूबर को विधानसभा सभागार में ‘एनजीओ संसद’ के आयोजन का आश्वासन।

Few hours ago
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समाज की नब्ज परखेगा एनजीओ, जनकल्याण की योजनाओं में पारदर्शिता की नई इबारत लिखेगा

भोपाल में यू एनजीओ प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात कर सामाजिक मूल्यांकन, सोशल ऑडिट में एनजीओ की भागीदारी और 2 अक्टूबर को एनजीओ संसद आयोजन पर चर्चा की।

 

* सामाजिक मूल्यांकन और सोशल ऑडिट में एनजीओ की भागीदारी की मांग।

* विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात।

* जनकल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर।

 

सतीश पुरोहित, संवाददाता 

द क्लिफ़ न्यूज़,भोपाल

मध्यप्रदेश में शैक्षणिक संस्थानों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के सामाजिक मूल्यांकन और सोशल ऑडिट का कार्य स्वैच्छिक संस्थाओं के माध्यम से कराए जाने की मांग उठी है। इस संबंध में स्वैच्छिक संस्थाओं के साझा समूह (यू एनजीओ) के प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के माध्यम से मध्यप्रदेश शासन और मुख्यमंत्री से पहल करने का आग्रह किया।

 

स्वैच्छिक संस्थाओं के साझा समूह का सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के निवास पहुंचा और उनसे मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने पुष्प-शाल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर विधानसभा अध्यक्ष का स्वागत किया। इस दौरान प्रदेश में स्वयंसेवी संस्थाओं की भूमिका, सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन में एनजीओ की भागीदारी को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

 

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि प्रदेश में विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सामाजिक मूल्यांकन और सोशल ऑडिट की व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाना आवश्यक है। स्वैच्छिक संस्थाएं स्थानीय स्तर पर समुदाय के बीच कार्य करती हैं और उन्हें जमीनी परिस्थितियों की जानकारी होती है। ऐसे में शैक्षणिक संस्थानों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के सामाजिक मूल्यांकन में सक्षम और अनुभवी एनजीओ को जिम्मेदारी दिए जाने से पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत किया जा सकता है।

 

प्रतिनिधिमंडल ने आगामी 2 अक्टूबर 2026 को मध्यप्रदेश विधानसभा में ‘एनजीओ संसद’ के आयोजन का प्रस्ताव भी विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष रखा। बैठक में स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों, उनकी समस्याओं तथा समाजहित में किए जा रहे कार्यों पर चर्चा के लिए विधानसभा परिसर में विशेष आयोजन कराने की आवश्यकता बताई गई।

 

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के बाद ‘एनजीओ संसद’ के आयोजन को विधानसभा सभागार में कराने का आश्वासन दिया। प्रस्तावित आयोजन को लेकर स्वयंसेवी संस्थाओं में उत्साह है। प्रतिनिधियों का कहना है कि इससे प्रदेश में कार्यरत विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं को एक साझा मंच मिलेगा, जहां वे सामाजिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, जनकल्याण, पारदर्शिता और सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़े विषयों पर अपने सुझाव रख सकेंगी।

 

प्रतिनिधिमंडल में यू एनजीओ अध्यक्ष महेन्द्र प्रसाद शर्मा, समूह प्रमुख सतीश पुरोहित, गांधी भवन न्याय के सचिव अंकित मिश्रा, वरिष्ठ चित्रकार राज सैनी, श्रीमती रेखा सोनी, सुहाना, वरिष्ठ समाजसेवी श्रीमती मंजुला ठाकुर, वरिष्ठ छायाकार भुवनेश्वर प्रसाद और राशु सोनी उपस्थित रहे।

 

प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि प्रदेश सरकार सामाजिक मूल्यांकन और सोशल ऑडिट में स्वैच्छिक संस्थाओं की विशेषज्ञता का उपयोग करने की दिशा में ठोस कदम उठाएगी। इससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति सामने आने के साथ-साथ लाभार्थियों की वास्तविक समस्याओं और सुझावों को भी शासन तक पहुंचाने में मदद मिल सकेगी।