राष्ट्रपति मुर्मू की मोल्दोवा यात्रा: द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने पर बनी सहमति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मोल्दोवा की पहली ऐतिहासिक यात्रा पर राष्ट्रपति माया सांडू से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने व्यापार, डिजिटल परिवर्तन, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मोल्दोवा की अपनी ऐतिहासिक राजकीय यात्रा के दौरान राष्ट्रपति माया सांडू के साथ चिसिनाउ में उच्चस्तरीय वार्ता की। सोमवार को हुई इस मुलाकात को भारत और मोल्दोवा के द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। यह किसी भी भारतीय राष्ट्रपति की मोल्दोवा की पहली आधिकारिक यात्रा है, जिसका उद्देश्य पूर्वी यूरोप के इस देश के साथ भारत के रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करना है।
राष्ट्रपति मुर्मू का मोल्दोवा की राष्ट्रपति माया सांडू ने राजकीय सम्मान के साथ स्वागत किया। इसके उपरांत दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल स्तर की विस्तृत वार्ता हुई, जिसमें विभिन्न द्विपक्षीय मुद्दों पर गहन चर्चा की गई। वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए, दोनों नेताओं ने भारत-मोल्दोवा संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए अपनी मजबूत प्रतिबद्धता दोहराई।
सहयोग के नए क्षितिज: व्यापार से डिजिटल परिवर्तन तक
दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के बीच हुई वार्ता में व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। सूचना प्रौद्योगिकी, डिजिटल परिवर्तन, स्वास्थ्य सेवा, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि, शिक्षा और क्षमता निर्माण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग के विस्तार पर सहमति बनी। दोनों पक्षों ने राजनीतिक संवाद को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा सहयोग के नए संभावित क्षेत्रों की पहचान करने पर भी सहमति व्यक्त की। इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच बहुआयामी साझेदारी को और गहरा करना था।
रणनीतिक यात्रा का हिस्सा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मोल्दोवा यात्रा 19 से 25 जुलाई तक चलने वाले उनके तीन देशों—मोल्दोवा, उत्तरी मैसेडोनिया और रोमानिया—के राजकीय दौरे का एक अहम हिस्सा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस व्यापक दौरे का लक्ष्य पूर्वी यूरोप के देशों के साथ भारत के रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई गति प्रदान करना है। यह यात्रा इन देशों के साथ भारत की कूटनीतिक और व्यावसायिक संलग्नता को मजबूत करने की दिशा में एक सक्रिय कदम है।
