लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: सेवानिवृत्त PWD इंजीनियर GP मेहरा के ठिकानों पर छापे, करोड़ों की संपत्ति का खुलासा
भोपाल। मध्य प्रदेश लोकायुक्त संगठन ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) के सेवानिवृत्त इंजीनियर-इन-चीफ जी.पी. मेहरा के चार ठिकानों...
भोपाल। मध्य प्रदेश लोकायुक्त संगठन ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) के सेवानिवृत्त इंजीनियर-इन-चीफ जी.पी. मेहरा के चार ठिकानों पर छापेमारी की। शुरुआती जांच में टीम को करोड़ों रुपये मूल्य की अघोषित संपत्ति के साक्ष्य मिले हैं, जिनमें नकद, आभूषण, लग्जरी गाड़ियां और निवेश दस्तावेज शामिल हैं।
चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
लोकायुक्त टीमों ने भोपाल और नरमदापुरम (सोहागपुर) में स्थित मेहरा के निवास और व्यावसायिक परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। भोपाल के मुख्य आवास से करीब ₹8 लाख नकद, ₹50 लाख मूल्य के आभूषण, ₹56 लाख के फिक्स्ड डिपॉजिट, और ₹55 लाख के संपत्ति दस्तावेज बरामद किए गए। अधिकारियों ने घर से कई महंगी घरेलू वस्तुएं और प्रीमियम फर्नीचर भी जब्त किए।
एक अन्य फ्लैट में छापे के दौरान ₹25 लाख नकद, करीब 2.5 किलो सोना और 5 किलो चांदी बरामद की गई। अधिकारियों का कहना है कि यह संपत्ति मुख्य आवास से अलग पाई गई, जो मेहरा के पास मौजूद कुल संपत्ति के पैमाने को दर्शाती है।
व्यावसायिक निवेश और कृषि संपत्तियों का भी खुलासा
लोकायुक्त सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया है कि मेहरा और उनके परिजनों की गोविंदपुरा क्षेत्र में स्थित एक पाइप फैक्ट्री में साझेदारी है, जो उनके संभावित आय स्रोतों में से एक मानी जा रही है।
इसके अलावा, सोहागपुर (नरमदापुरम) में उनके स्वामित्व वाली संपत्तियों से एक फार्महाउस, निर्माणाधीन रिसॉर्ट, गौशाला, मछली पालन तालाब, छह ट्रैक्टर, और अन्य कृषि उपकरण बरामद किए गए। टीम को यहां कई किलो शहद भी मिला, जिससे संकेत मिलता है कि मेहरा ने कृषि और पशुपालन से जुड़े कई उपक्रमों में निवेश किया था।
सेवा काल और जांच की पृष्ठभूमि
1984 बैच के सिविल इंजीनियर रहे जी.पी. मेहरा फरवरी 2024 में विभाग से मुख्य अभियंता पद से सेवानिवृत्त हुए थे। अपने कार्यकाल में उन्होंने विभाग के कई अहम प्रोजेक्ट संभाले। लोकायुक्त के अनुसार, सेवानिवृत्ति के बाद उनके आय-व्यय अनुपात में असामान्य वृद्धि के संकेत मिले, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
लोकायुक्त की जांच जारी
लोकायुक्त संगठन ने कहा है कि जब्त संपत्तियों और निवेश दस्तावेजों की जांच अभी जारी है। प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि टीम ने सभी दस्तावेज सील कर लिए हैं और विशेषज्ञों की मदद से संपत्तियों के वास्तविक मूल्य का आकलन किया जा रहा है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला
यह कार्रवाई राज्य में बढ़ती भ्रष्टाचार-रोधी मुहिम का हिस्सा मानी जा रही है। हाल के महीनों में लोकायुक्त ने कई विभागों के अफसरों के ठिकानों पर छापे मारे हैं, जिससे प्रशासनिक तंत्र में जवाबदेही और पारदर्शिता की दिशा में नई बहस शुरू हुई है।
