MP में मानसून का तांडव: नदियां उफान पर, शहर जलमग्न, प्रशासन अलर्ट
मध्य प्रदेश में भारी बारिश से नदियां उफान पर, शहरों में जलभराव, जनजीवन अस्त-व्यस्त। प्रशासन ने जारी की चेतावनी।

MP में मानसून का कहर जारी
मध्य प्रदेश में इस वक्त मानसून अपने पूरे जोर पर है। कई जिलों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 से 5 जुलाई के बीच भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
मौसम प्रणाली का असर
राज्य में बने कम दबाव के क्षेत्र, मानसून ट्रफ और ऊपरी हवा के साइक्लोनिक सर्कुलेशन के संयुक्त प्रभाव से अगले तीन दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में बिजली गिरने का भी खतरा है, जिसके चलते कई जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किए गए हैं।
उज्जैन और जबलपुर में गंभीर जलभराव
धार्मिक नगरी उज्जैन सबसे ज्यादा प्रभावित नजर आ रही है, जहाँ तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में व्यापक जलभराव हो गया है। कई कॉलोनियों और मुख्य सड़कों पर पानी भरने से यातायात बाधित हुआ है। पवित्र शिप्रा नदी भी खतरे के निशान के करीब बह रही है। वहीं, जबलपुर में घंटों से रुक-रुक कर हो रही मूसलाधार बारिश ने कई मुख्य सड़कों को जलमग्न कर दिया है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है।
देवास और छतरपुर में किसानों की चिंता बढ़ी
देवास जिले में भी सक्रिय मानसून के चलते खरीफ की फसलों को पानी भर जाने से नुकसान का डर सता रहा है। ग्रामीण इलाकों में कई सड़कों पर आवागमन बाधित हुआ है। वहीं, बुंदेलखंड क्षेत्र के छतरपुर और आसपास के जिलों में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है, जिससे छोटे बांध और तालाब भर रहे हैं।
अन्य मंडलों में भी बारिश की संभावना
भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, सागर, रीवा, शहडोल, ग्वालियर और चंबल संभागों में भी गरज-चमक के साथ बारिश की उम्मीद है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश से अचानक बाढ़ का खतरा भी पैदा हो सकता है। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
नदियों का जलस्तर बढ़ा, बांधों पर निगरानी
लगातार बारिश के कारण राज्य की ज्यादातर नदियों और जलाशयों में जलस्तर बढ़ रहा है। सिंचाई विभाग बांधों से पानी की निकासी पर लगातार नजर रखे हुए है। जिला प्रशासन को बाढ़ संभावित इलाकों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। NDRF और SDRF की टीमें राहत और बचाव के लिए तैयार हैं।
कृषि क्षेत्र को राहत और चिंता
सक्रिय मानसून ने किसानों को खरीफ फसलों की बुवाई में मदद की है, जिससे सिंचाई पर निर्भरता कम हुई है। हालांकि, वैज्ञानिकों ने लगातार भारी बारिश से होने वाले जलभराव और फसल नुकसान को लेकर चिंता जताई है, और प्रभावी जल निकासी व्यवस्था पर जोर दिया है।
आगे का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, यह मौसम प्रणाली अगले कुछ दिनों तक सक्रिय रहेगी और 5 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना है। अगले 48 से 72 घंटे मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। नागरिकों से अपील है कि वे IMD और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी की गई सलाह का पालन करें।
