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स्पेसक्राफ्ट से संपर्क टूटने के बाद नासा ने खत्म किया अपना एक दशक पुराना मेवेन (MAVEN) मंगल मिशन

नासा ने स्पेसक्राफ्ट से संपर्क पूरी तरह टूटने के बाद अपने ऐतिहासिक मेवेन मंगल मिशन के समाप्त होने की आधिकारिक घोषणा की है।

Jun 4
3 min read
स्पेसक्राफ्ट से संपर्क टूटने के बाद नासा ने खत्म किया अपना एक दशक पुराना मेवेन (MAVEN) मंगल मिशन

मुख्य सारांश:

  • क्या हुआ: नासा ने अपने मेवेन मंगल मिशन के स्पेसक्राफ्ट से संपर्क पूरी तरह टूटने के बाद इस मिशन के खत्म होने की आधिकारिक घोषणा की है।
  • यह क्यों महत्वपूर्ण है: मेवेन ने 11 साल से अधिक समय तक काम किया, जो उसके तय जीवनकाल से काफी ज्यादा है। इसने मंगल के वायुमंडल के बारे में बेहद महत्वपूर्ण डेटा प्रदान किया है।
  • क्या बदलाव आया: डेटा इकट्ठा करने का काम अब बंद हो चुका है और पूरा ध्यान ऐतिहासिक डेटा को सुरक्षित रखने और उसके विश्लेषण पर है।
  • कौन प्रभावित होगा: दुनिया का वैज्ञानिक समुदाय और भविष्य में मंगल पर मानव मिशन भेजने की तैयारी में जुटे लोग।

एक ऐतिहासिक मिशन का अंत

नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) ने अपने ऐतिहासिक मार्स एटमॉसफ़ियर एंड वोलेटाइल इवोल्यूशन (MAVEN) मिशन को आधिकारिक तौर पर समाप्त घोषित कर दिया है। यह फैसला पिछले साल के अंत में मंगल की कक्षा में चक्कर काट रहे स्पेसक्राफ्ट से संपर्क पूरी तरह टूटने के बाद लिया गया है।

18 नवंबर, 2013 को लॉन्च हुआ मेवेन 21 सितंबर, 2014 को मंगल की कक्षा में सफलतापूर्वक दाखिल हुआ था। हालांकि इसे सिर्फ एक साल के मुख्य मिशन के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन इस मजबूत खोजी स्पेसक्राफ्ट ने लाल ग्रह पर 11 साल से अधिक समय तक काम किया, जो इसके तय समय से दस गुना अधिक है।

आखिरी सिग्नल और संपर्क बहाली की कोशिशें

ग्राउंड कंट्रोल टीम को इस स्पेसक्राफ्ट से आखिरी बार सिग्नल 6 दिसंबर, 2025 को मिला था। यह संपर्क अचानक उस वक्त टूटा जब मेवेन मंगल ग्रह के पीछे से गुजरा।

इसके जवाब में, नासा ने फरवरी में एक विशेष विसंगति समीक्षा बोर्ड का गठन किया ताकि स्पेसक्राफ्ट की स्थिति का आकलन और संपर्क बहाल करने की कोशिशें की जा सकें। बोर्ड ने आखिरकार यह निष्कर्ष निकाला कि स्पेसक्राफ्ट को अब वापस ठीक नहीं किया जा सकता है और यह आगे डेटा भेजने की जिम्मेदारी निभाने में असमर्थ है।

स्पेसक्राफ्ट के खराब होने की वजह क्या थी?

शुरुआती जांच से पता चलता है कि मंगल के पीछे जाने के बाद मेवेन बहुत तेजी से घूमने (rotation) लगा था। इस अनियंत्रित स्पिन के कारण कई मुश्किलें खड़ी हुईं:

  • स्पेसक्राफ्ट के तय ऑर्बिटल ट्रैक (कक्षा का रास्ता) में गड़बड़ी आ गई।
  • ऑनबोर्ड बैटरियां बहुत तेजी से और पूरी तरह डिस्चार्ज हो गईं।
  • कम्युनिकेशन सिस्टम की बिजली पूरी तरह चली गई, जिससे मेवेन का पृथ्वी से संपर्क टूट गया।

इस असामान्य रोटेशन की असली वजह अभी भी अज्ञात है और इस साल के अंत तक एक अंतिम जांच रिपोर्ट आने की उम्मीद है।

भविष्य की अंतरिक्ष यात्रा के लिए ऐतिहासिक डेटा को सहेजना

नासा ने अब मिशन को आधिकारिक तौर पर बंद करने और भविष्य के वैज्ञानिक शोधों के लिए इसके पूरे डेटा को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह जानकारी भविष्य में लाल ग्रह पर भेजे जाने वाले मानव मिशनों की सुरक्षा के लिए बेहद अहम है।

वाशिंगटन में नासा मुख्यालय के प्लैनेटरी साइंस डिवीजन की निदेशक लुईस प्रॉक्टर (Louise Prockter) ने इस मिशन के ऐतिहासिक महत्व पर जोर देते हुए कहा:

"मेवेन से हमें जो विज्ञान मिला है, वह यह समझने के लिए बेहद जरूरी है कि इंसानों को मंगल ग्रह पर भेजने से पहले हमें किस तरह के रेडिएशन प्रोटेक्शन और सुरक्षा उपाय अपनाने होंगे।"

आगे क्या देखना होगा

इंजीनियर और वैज्ञानिक इस साल के अंत में स्पेसक्राफ्ट के घूमने के मुख्य कारण का पता लगाने के लिए अंतिम विसंगति रिपोर्ट तैयार करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इस बीच, दुनिया भर के शोधकर्ता मंगल पर भविष्य के मानव मिशनों की सुरक्षा के उपाय तैयार करने के लिए मेवेन के ऐतिहासिक डेटा का व्यवस्थित विश्लेषण शुरू करेंगे।