भोपाल में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर ITMS की सख्ती, फिर भी 4.82 करोड़ रुपए के चालान बकाया
भोपाल में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर नज़र रखने के लिए लगाया गया इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लगातार चालान जारी कर रहा है, लेकिन...

भोपाल में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर नज़र रखने के लिए लगाया गया इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लगातार चालान जारी कर रहा है, लेकिन ज्यादातर वाहन चालकों ने अब तक अपने ई-चालान का भुगतान नहीं किया है। जनवरी से सितंबर तक जारी चालानों में से केवल 8.6% चालान ही जमा हुए हैं, जिससे लाखों रुपये की राशि बकाया बनी हुई है।
1.54 लाख चालान जारी, सिर्फ 13 हजार ने चुकाया जुर्माना
भोपाल ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से सितंबर 2025 के बीच 1,54,500 ई-चालान विभिन्न उल्लंघनों के लिए जारी किए गए — जिनमें रेड लाइट जम्प, बिना हेलमेट वाहन चलाना, ओवरस्पीडिंग और ट्रिपल राइडिंग जैसे मामले शामिल हैं।
इनमें से अब तक केवल 13,398 चालान का ही भुगतान हुआ है। कुल ₹5.33 करोड़ के चालानों में से मात्र ₹50.13 लाख ही वसूले जा सके हैं। यानी करीब ₹4.82 करोड़ की राशि अब भी लंबित है, जो 1.41 लाख से अधिक वाहन चालकों से वसूली जानी है।
सबसे आम गलती: बिना हेलमेट चलना
ITMS कैमरों से मिले डेटा के अनुसार, सबसे अधिक चालान बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों (1,29,137) के बने हैं।
दूसरे नंबर पर रेड सिग्नल तोड़ने के मामले हैं, जबकि ओवरस्पीडिंग और ट्रिपल राइडिंग जैसी गंभीर गलतियों के मामले तुलनात्मक रूप से कम दर्ज किए गए।
ओवरस्पीडिंग के 3,759 चालान में से केवल 760 चालकों ने जुर्माना भरा है। इसी तरह तीन सवारियों वाले दोपहिया वाहनों के भी कई चालान बने हैं, लेकिन भुगतान की स्थिति बेहद कमजोर है।
महीना-दर-महीना आंकड़े
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जुलाई में सबसे अधिक 24,881 चालान जारी हुए।
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मई में 10,475 चालान बने,
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जबकि सितंबर तक यह संख्या घटकर 7,179 रह गई।
ट्रैफिक विभाग का कहना है कि यह गिरावट निगरानी की कमजोरी नहीं बल्कि जनता में धीरे-धीरे बढ़ रही सावधानी और कैमरा अवेयरनेस का संकेत है।
"उद्देश्य सिर्फ जुर्माना वसूलना नहीं, जिम्मेदार ड्राइविंग बढ़ाना"
एडिशनल DCP (ट्रैफिक) बसंत कुमार कौल ने बताया कि ITMS ने नियम तोड़ने वालों की पहचान करना आसान बना दिया है, लेकिन असली चुनौती है वसूली सुनिश्चित करना।
उन्होंने कहा,
“ई-चालान का मकसद केवल राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि लोगों को ट्रैफिक नियमों का पालन सिखाना है। अगर लोग चालान से डरकर हेलमेट पहनें और सिग्नल तोड़ना बंद करें, तो यही असली सफलता होगी।”
क्या है ITMS सिस्टम?
भोपाल में ITMS को स्मार्ट सिटी मिशन के तहत लागू किया गया है। यह सिस्टम शहर के प्रमुख चौराहों पर लगे AI आधारित कैमरों की मदद से स्वचालित रूप से ट्रैफिक उल्लंघन रिकॉर्ड करता है और संबंधित वाहन मालिक को ई-चालान SMS के माध्यम से भेजता है।
फिलहाल शहर के 50 से अधिक प्रमुख चौराहे इस प्रणाली से कवर किए गए हैं।
