FBI की 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग को वैश्विक स्तर पर निशाना बनाया
FBI का 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई है, जिसमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग भी शामिल है। कई देशों में गिरफ्तारियां हुईं।

संगठित अपराध पर वैश्विक कार्रवाई
FBI ने 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' नाम से एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय अभियान शुरू किया है। इसका लक्ष्य लॉरेंस बिश्नोई गैंग सहित अन्य संगठित अपराध सिंडिकेट्स का सफाया करना है।
यह भारत-आधारित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। इसमें कई महाद्वीपों पर आरोप लगाए गए हैं और गिरफ्तारियां की गई हैं।
क्या होगा बदलाव?
अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन सहयोग में वृद्धि होगी और सीमा पार अपराधों में शामिल लोगों के लिए प्रत्यर्पण की कार्यवाही हो सकती है।
इस कार्रवाई से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य, अन्य आरोपी सिंडिकेट, उनके कथित पीड़ित और दुनिया भर की कानून प्रवर्तन एजेंसियां प्रभावित होंगी।
'ऑपरेशन हार्ड बॉल' का खुलासा
अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (FBI) ने भारत से संचालित होने वाले अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ अपनी सबसे बड़ी कार्रवाई 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' शुरू की है। इस वैश्विक अभियान का उद्देश्य उन आपराधिक नेटवर्क को खत्म करना है जिन्होंने अपनी पहुँच सीमाओं के पार फैलाई है।
अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारियां और आरोप
अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई गैंग सहित तीन अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट से जुड़े 37 लोगों पर आरोप तय किए गए हैं। अब तक अमेरिका, कनाडा और यूरोप में 24 गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं।
व्यापक छापे और जब्ती
अमेरिका, कनाडा और यूरोप में 50 से अधिक स्थानों पर एक साथ छापे मारे गए। इन अभियानों के दौरान कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ, हथियार और नकदी जब्त की।
गंभीर आरोप
आरोपियों पर हत्या, जबरन वसूली, अपहरण, नशीली दवाओं की तस्करी, हथियारों की तस्करी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठित अपराध को बढ़ावा देने जैसे गंभीर आरोप हैं।
मुख्य आरोपी पर इनाम
FBI ने सतेंदरजीत सिंह, जिसे गोल्डी बराड़ के नाम से भी जाना जाता है, को भगोड़ा घोषित किया है। वह लॉरेंस बिश्नोई का करीबी सहयोगी और उत्तरी अमेरिका में गैंग का कथित संचालक है। उसकी गिरफ्तारी की सूचना देने पर 50,000 डॉलर (लगभग 43 लाख रुपये) का इनाम घोषित किया गया है।
हत्या की साजिश के आरोप
अमेरिकी अभियोजकों का आरोप है कि लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ ने 2023 में ब्रिटिश कोलंबिया, कनाडा में खालिस्तानी समर्थक हर्दीप सिंह निज्जर की हत्या का आदेश दिया था। बिश्नोई ने कथित तौर पर जेल से स्मगल किए गए मोबाइल फोन का इस्तेमाल करके इस साजिश को अंजाम दिया, जबकि बराड़ ने उत्तरी अमेरिका में नेटवर्क का प्रबंधन किया।
अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय ने कहा है कि अभियोग में भारतीय सरकार की संलिप्तता का कोई आरोप नहीं है। DOJ ने इस बात पर जोर दिया कि यह कार्रवाई वर्षों की बहुराष्ट्रीय जांच का परिणाम है। अधिकारियों का मानना है कि इन आपराधिक नेटवर्कों ने प्रवासी भारतीय समुदायों में भय फैलाया है और कई देशों में बड़े पैमाने पर काम किया है।
जांच जारी
जांच अभी जारी है, और कई अन्य आरोपी व्यक्तियों के अभी भी फरार होने की सूचना है। यह ऑपरेशन अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध से निपटने में एक महत्वपूर्ण कदम है।
