मंत्री प्रतिमा बागरी के भाई की गिरफ्तारी पर CM मोहन यादव का बयान: “कानून सबके लिए समान, कोई विवाद नहीं”
मध्य प्रदेश की मंत्री प्रतिमा बागरी के भाई की सतना में गांजा तस्करी के मामले में गिरफ्तारी को लेकर उठे राजनीतिक विवाद पर मुख्यमंत्री मोहन...

मध्य प्रदेश की मंत्री प्रतिमा बागरी के भाई की सतना में गांजा तस्करी के मामले में गिरफ्तारी को लेकर उठे राजनीतिक विवाद पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। TOI से विशेष बातचीत में CM ने कहा कि सरकार ने मामले में तत्काल कार्रवाई कर “कानून के राज” की मिसाल पेश की है। विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए CM ने कहा कि “जिसे कानून ने दोषी पाया, उसे तुरंत गिरफ्तार किया गया — यही सुशासन का प्रमाण है।”
“मंत्री का भाई होने से कोई छूट नहीं मिलती” — CM यादव
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन किसी भी आरोपी के साथ पक्षपात नहीं करेगा।
CM यादव के अनुसार,
“प्रतिमा बागरी के भाई के खिलाफ आरोप लगा, और हमने तुरंत पुलिस को कार्रवाई करने को कहा। इसमें विवाद कैसा? यह तो हमारे सुशासन की मिसाल है। चाहे वह मंत्री का भाई ही क्यों न हो, कानून से कोई नहीं बच सकता।”
उन्होंने यह भी कहा कि मंत्री प्रतिमा बागरी ने स्वयं सरकार की कार्रवाई का समर्थन किया है और साफ कहा है कि “अपराध करने वाला किसी भी पद पर हो, दंडित होगा।”
“गिरफ्तारी न होती तो सरकार की छवि खराब होती”
मुख्यमंत्री ने विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों को पलटते हुए कहा कि सरकार की छवि को नुकसान तभी होता जब कार्रवाई न की जाती।
CM यादव बोले,
“अगर हम गिरफ्तारी न करते, तब हमारी छवि पर सवाल उठते। मेरी व्यक्तिगत छवि भी प्रभावित होती यदि मंत्री के भाई पर कार्रवाई टाल दी जाती। इसलिए मैंने कहा था — कोई संरक्षण नहीं मिलेगा।”
कांग्रेस का हमला: इस्तीफे की मांग तेज
दूसरी ओर, कांग्रेस लगातार मंत्री प्रतिमा बागरी के इस्तीफे की मांग कर रही है। मंगलवार को विपक्ष ने इस मुद्दे पर हमलावर रुख और तेज कर दिया।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि “नैतिक जिम्मेदारी” के तहत मंत्री को पद छोड़ देना चाहिए।
युवा कांग्रेस का सुबह-सुबह विरोध प्रदर्शन
बुधवार तड़के भोपाल में इस विवाद ने नया मोड़ लिया। लगभग 7:15 बजे सुबह, युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता बिना पूर्व सूचना के शहरी प्रशासन राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी के सरकारी आवास — D-4, 74 बंगले — पहुँच गए।
भोपाल शहर युवा कांग्रेस अध्यक्ष अमित खत्री के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने:
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बैरिकेड हटाए,
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मंत्री के घर के बाहर लगे नेमप्लेट पर काली स्याही फेंकी,
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और नारे लगाए — “प्रतिमा बागरी इस्तीफा दो।”
प्रदर्शन के बाद पुलिस को सुरक्षा बढ़ानी पड़ी और मौके का मुआयना किया गया।
राजनीतिक और प्रशासनिक महत्व
विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रकरण कई सवाल खड़े करता है:
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क्या सत्ता के करीबी लोगों पर पुलिस का रवैया हमेशा समान रहता है?
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क्या त्वरित गिरफ्तारी सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति का संकेत है या विपक्ष के दबाव का परिणाम?
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और क्या इस मुद्दे से विधानसभा में राजनीतिक तापमान और बढ़ेगा?
राजनीतिक विश्लेषक बताते हैं कि चुनावी वर्ष के माहौल में इस तरह के मामले दोनों ही पक्षों के लिए अहम रणनीतिक महत्व रखते हैं।
