दिल्ली पर जहरीली धुंध की चादर: AQI ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में, GRAP-IV के सभी प्रतिबंध लागू
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रविवार सुबह (21 दिसंबर 2025) घना और जहरीला स्मॉग छा गया, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई और लोगों को सांस...
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रविवार सुबह (21 दिसंबर 2025) घना और जहरीला स्मॉग छा गया, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई और लोगों को सांस लेने में दिक्कत महसूस हुई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक सुबह करीब 7 बजे समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 390 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। कई इलाकों में हालात इससे भी बदतर रहे और AQI ‘गंभीर’ स्तर तक पहुंच गया।
कई इलाकों में हालात ‘गंभीर’
सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार,
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अक्षरधाम और गाज़ीपुर में AQI 438 दर्ज हुआ—दोनों जगहों पर स्थिति ‘गंभीर’ रही।
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आनंद विहार (पूर्वी दिल्ली) में भी AQI 438 रहा, जिससे यह राजधानी के सबसे प्रदूषित इलाकों में शामिल हो गया।
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आईटीओ क्षेत्र में AQI 405 दर्ज किया गया—यह भी ‘गंभीर’ श्रेणी में है।
केंद्रीय दिल्ली भी प्रभावित
केंद्रीय दिल्ली में इंडिया गेट और कर्तव्य पथ के आसपास स्मॉग की घनी परत दिखाई दी। यहां AQI 381 रहा, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है।
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बरापुल्ला फ्लाईओवर के पास AQI 382
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धौला कुआं में AQI 397 दर्ज किया गया—दोनों ही जगहों पर स्थिति ‘बहुत खराब’ बनी रही।
GRAP-IV के सभी कदम लागू
बिगड़ती हवा को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) चरण-IV के तहत सभी कड़े उपाय लागू कर दिए हैं।
इन प्रतिबंधों में शामिल हैं:
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गैर-आवश्यक निर्माण गतिविधियों पर रोक
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कुछ डीजल वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध
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प्रदूषण स्रोतों पर सख्त निगरानी और प्रवर्तन
अधिकारियों का कहना है कि हालात में सुधार आने तक इन उपायों को सख्ती से लागू किया जाएगा।
AQI श्रेणियां (मानक)
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0–50: अच्छा
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51–100: संतोषजनक
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101–200: मध्यम
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201–300: खराब
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301–400: बहुत खराब
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401–500: गंभीर
उत्तर प्रदेश में ठंड और कोहरा
दिल्ली के आसपास के क्षेत्रों में मौसम भी चुनौती बढ़ा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार,
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अयोध्या में न्यूनतम तापमान 8°C दर्ज किया गया, अधिकतम करीब 16°C रहने का अनुमान है।
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मुरादाबाद में घना कोहरा छाया रहा; न्यूनतम तापमान 10°C और अधिकतम 19°C के आसपास रहने की संभावना है।
क्यों गंभीर है स्थिति
विशेषज्ञों के मुताबिक, ठंडी हवाओं की कमी, स्थिर मौसम और स्थानीय प्रदूषण स्रोतों के चलते स्मॉग लंबे समय तक टिक सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन रोगियों को बाहर निकलने से बचने, मास्क का इस्तेमाल करने और अनावश्यक गतिविधियां सीमित रखने की सलाह दे रहे हैं।
