ब्रेंट क्रूड पहली बार 72 डॉलर के नीचे, वैश्विक तेल कीमतें बढ़ीं
ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत 5% से अधिक गिरकर 71.50 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जो पहली बार 72 डॉलर से नीचे गिरी है। डब्ल्यूटीआई...
टॉप सारांश
- क्या हुआ: ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत 5% से अधिक गिरकर लगभग 71.50 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जो पहली बार 72 डॉलर से नीचे गिरी है। मुख्य अमेरिकी अनुबंध, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट, भी 4.5% गिरकर 69 डॉलर से नीचे आ गया।
- क्यों महत्वपूर्ण: अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क में यह महत्वपूर्ण गिरावट वैश्विक ऊर्जा बाजारों में उल्लेखनीय बदलाव का संकेत देती है।
- लोगों के लिए क्या बदलता है: अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के बेंचमार्क अब काफी निचले स्तर पर कारोबार कर रहे हैं।
- कौन प्रभावित होता है: वैश्विक तेल बाजार, ऊर्जा व्यापारी और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर उद्योग।
शुक्रवार को वैश्विक तेल की कीमतों में तेज गिरावट देखी गई, जिससे भारी नुकसान बढ़ गया। इस व्यापक गिरावट का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क, ब्रेंट नॉर्थ सी क्रूड रहा।
ब्रेंट क्रूड 72 डॉलर से नीचे गिरा
ब्रेंट क्रूड की कीमत 5 प्रतिशत से अधिक गिरकर लगभग 71.50 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। यह पहली बार है जब ब्रेंट क्रूड 72 डॉलर की सीमा से नीचे गिरा है।
प्राथमिक अमेरिकी तेल अनुबंध, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई), में भी भारी कमी देखी गई। डब्ल्यूटीआई ने अपने मूल्य का 4.5 प्रतिशत खो दिया और 69 डॉलर प्रति बैरल से नीचे कारोबार कर रहा था।
बाजार का आशावाद गिरावट का कारण
विश्व तेल की कीमतों में लगातार हो रहे तेज नुकसान का श्रेय एक व्यापक आशावाद को दिया जाता है। यह सकारात्मक भावना विशेष रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात प्रवाह से संबंधित है।
बाजार का यह आशावाद संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के निकासी कार्यक्रम के हालिया निलंबन के बावजूद कायम है।
आगे क्या देखें
वैश्विक भू-राजनीतिक कारकों, विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास, की लगातार निगरानी महत्वपूर्ण होगी। पर्यवेक्षक यह भी देखने के लिए उत्सुक होंगे कि क्या कच्चे तेल की कीमतें स्थिर होती हैं या आने वाले दिनों में इन नुकसानों को और बढ़ाती हैं।
