मध्य प्रदेश का 70वां स्थापना दिवस: भोपाल में जुबिन नौटियाल के सुरों संग ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश’ का भव्य उत्सव आज
भारत के ‘दिल’ कहलाने वाले मध्य प्रदेश के गठन के 70 वर्ष पूरे होने पर आज यानी 1 नवंबर 2025 (शनिवार) को पूरे प्रदेश में...

भारत के ‘दिल’ कहलाने वाले मध्य प्रदेश के गठन के 70 वर्ष पूरे होने पर आज यानी 1 नवंबर 2025 (शनिवार) को पूरे प्रदेश में उत्सव का माहौल है। राजधानी भोपाल में इस अवसर पर लाल परेड ग्राउंड में एक भव्य सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जाएगी, जिसमें मशहूर बॉलीवुड गायक जुबिन नौटियाल और उनकी टीम लाइव परफॉर्म करेंगे। कार्यक्रम शाम 6:30 बजे से शुरू होगा और सभी नागरिकों के लिए निशुल्क खुला रहेगा।
जुबिन नौटियाल के सुरों में झूमेगा भोपाल
भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में संगीत, रोशनी और परंपरा का संगम देखने को मिलेगा। कार्यक्रम में पारंपरिक लोकधुनों से लेकर आधुनिक संगीत तक की प्रस्तुति होगी, जो मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि और प्रगति का प्रतीक बनेगी। आयोजकों के अनुसार, जुबिन नौटियाल का लाइव कॉन्सर्ट इस बार की मुख्य आकर्षण रहेगा, जो राज्य के युवाओं और संगीत प्रेमियों के लिए एक यादगार शाम साबित होगी।
ड्रोन शो और सांस्कृतिक प्रदर्शन भी आकर्षण
सिर्फ संगीत ही नहीं, इस वर्ष का ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश’ उत्सव तकनीक और परंपरा का अनोखा संगम पेश करेगा। कार्यक्रम में ड्रोन शो, लोक कला प्रदर्शन, और सांस्कृतिक प्रदर्शनी जैसी कई झलकियां देखने को मिलेंगी।
भोपाल के साथ-साथ इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में भी स्थानीय स्तर पर सांस्कृतिक आयोजन रखे गए हैं।
राज्य शासन के अधिकारियों ने बताया कि इस बार का थीम “अभ्युदय मध्यप्रदेश” राज्य की रचनात्मकता, विरासत और विकास की भावना को प्रदर्शित करेगा।
“यह उत्सव सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश की पहचान, गर्व और प्रगति का प्रतीक है,” — राज्य संस्कृति विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा।
मध्य प्रदेश: भारत का हृदय
मध्य प्रदेश का गठन 1 नवंबर 1956 को हुआ था, जब तत्कालीन राज्यों मध्य भारत, विन्ध्य प्रदेश और भोपाल को मिलाकर एक नया राज्य बनाया गया। देश के मानचित्र के केंद्र में स्थित होने के कारण इसे “भारत का हृदय” कहा गया।
हर वर्ष यह दिन प्रदेश के नागरिकों के लिए गर्व और आत्मसम्मान का प्रतीक बनकर मनाया जाता है।
पूरे प्रदेश में उत्सव का माहौल
स्थापना दिवस पर प्रदेशभर के सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों और सांस्कृतिक संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में परेड, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, प्रदर्शनी और पुरस्कार समारोह आयोजित हो रहे हैं।
इस अवसर पर राज्य सरकार उन नागरिकों और संस्थाओं को सम्मानित करेगी, जिन्होंने राज्य के विकास और समाजसेवा में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
