गुरुग्राम में गैंगवॉर: रंगदारी मांगने के प्रयास में पुलिस मुठभेड़ में 4 गैंगस्टर ढेर, 1 घायल
गुरुग्राम के सुशांत लोक फेज-2 में रंगदारी के लिए पहुंचे चार कथित गैंगस्टर पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। एक अन्य गंभीर रूप से घायल है।

टॉप समरी
क्या हुआ: गुरुग्राम के सुशांत लोक फेज-2 में हुई भीषण गोलीबारी में चार कथित गैंगस्टर मारे गए और पांचवां गंभीर रूप से घायल हो गया।
क्यों महत्वपूर्ण है: यह घटना संगठित अपराध की बढ़ती धृष्टता और उनसे निपटने के लिए पुलिस की तीव्र कार्रवाई को उजागर करती है।
क्या बदलेगा: क्षेत्र में पुलिस की सतर्कता बढ़ने और रंगदारी रैकेट के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की उम्मीद है।
कौन प्रभावित: रंगदारी का सामना करने वाले व्यापारी, पॉश इलाकों के निवासी और पुलिस बल इस घटना से सीधे तौर पर प्रभावित हैं।
गुरुग्राम में गैंगवार का तांडव
गुरुग्राम पुलिस की क्राइम ब्रांच और बदमाशों के बीच हुई एक भीषण गोलीबारी में दीपक नंदा नामक कुख्यात फरार गैंगस्टर से जुड़े चार कथित शूटर ढेर हो गए। यह मुठभेड़ गुरुवार शाम सुशांत लोक फेज-2 में हुई, जिसे हाल के दिनों में हरियाणा की सबसे सनसनीखेज घटनाओं में से एक बताया जा रहा है। खबरों के मुताबिक, इस दौरान 60 से अधिक गोलियां चलीं।
रंगदारी का प्रयास खूनी टकराव में बदला
यह टकराव एक 36 वर्षीय व्यापारी से करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगने के प्रयास के बाद शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने व्यापारी के घर पर करीब 40 राउंड फायरिंग की थी। पहले से मिली सूचना के आधार पर पुलिस मौके पर पहुंची, जब फायरिंग जारी थी। इसी दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच सीधी मुठभेड़ हो गई। किराए की काली स्कॉर्पियो SUV में सवार इन बदमाशों ने पुलिस के आत्मसमर्पण के निर्देशों को मानने से इनकार कर दिया और क्राइम ब्रांच की टीमों पर गोलीबारी शुरू कर दी।
आत्मरक्षा में पुलिस का जवाब
चेतावनी देने और हवा में गोलियां चलाने के बाद, पुलिस ने तब जवाबी कार्रवाई की जब आरोपियों ने गोलीबारी जारी रखी और भागने का प्रयास किया। इस दौरान तीन क्राइम ब्रांच के जवान गोली लगने से घायल हो गए, जिनका इलाज चल रहा है। पांचों कथित हमलावरों को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चार को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं, पांचवां गंभीर हालत में है। पुलिस ने घटनास्थल से पांच पिस्तौलें बरामद की हैं, जिनमें तीन विदेशी निर्मित हथियार शामिल हैं।
पॉश इलाके में दहशत
हमले के समय व्यापारी, उनकी पत्नी और घरेलू कर्मचारी घर के अंदर थे, लेकिन वे बाल-बाल बच गए। हालांकि, गोलियों से खिड़कियां टूट गईं और दीवारों को नुकसान पहुंचा, जिससे निवासियों में दहशत फैल गई। डीसीपी (क्राइम) हितीश यादव और डीसीपी (ईस्ट) संदीप कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीमों ने सबूत एकत्र कर लिए हैं और मामला दर्ज कर लिया गया है।
