BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
International

मेलबर्न में पीएम मोदी का जलवा: 30,000 भारतीयों ने जमाया स्टेडियम में डेरा

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेलबर्न के मारा स्टेडियम में 30,000 से ज़्यादा भारतीयों को संबोधित किया।

Jul 9
4 min read
मेलबर्न में पीएम मोदी का जलवा: 30,000 भारतीयों ने जमाया स्टेडियम में डेरा

मुख्य सारांश

क्या हुआ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान मेलबर्न के मारा स्टेडियम में 30,000 से ज़्यादा भारतीयों को संबोधित किया।

क्यों मायने रखता है: यह ऑस्ट्रेलिया में किसी विश्व नेता के लिए सबसे बड़े समारोहों में से एक था, जिसने भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों और प्रवासी जुड़ाव को मजबूत दिखाया।

क्या बदला: इस कार्यक्रम ने सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत किया और ऑस्ट्रेलिया की प्रगति में भारतीय समुदाय के महत्वपूर्ण योगदान को उजागर किया।

कौन प्रभावित: ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय, ऑस्ट्रेलियाई सरकार और दोनों देशों के नागरिक मजबूत द्विपक्षीय संबंधों से लाभान्वित होते हैं।

मेलबर्न में ऐतिहासिक स्वागत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मेलबर्न में भारतीय समुदाय की ओर से ज़ोरदार स्वागत हुआ। ठंडे मौसम के बावजूद, हजारों लोग मारा स्टेडियम में 'भारत माता की जय' और 'मोदी, मोदी' के नारे लगाते हुए जुटे। स्टेडियम 'हाउसफुल' और कार्यक्रम 'ब्लॉकबस्टर' जैसा था, जिसने माहौल को इलेक्ट्रिक बना दिया।

पीएम मोदी ने अपने गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया और प्रवासी समुदाय के अपने वतन के प्रति गहरे स्नेह और अटूट जुड़ाव को स्वीकार किया।

संस्कृति और जुड़ाव का संवाद

अपने संबोधन की शुरुआत गुजराती 'केम छो' और तमिल 'वनक्कम' से करते हुए, पीएम मोदी ने अपनेपन और समावेशिता का एहसास कराया। उन्होंने सिडनी में हुए कार्यक्रम को याद किया और विशेष रूप से मेलबर्न के लोगों से जुड़ने की अपनी उत्सुकता का उल्लेख किया।

उन्होंने प्रवासी परिवारों में अक्सर पाए जाने वाले दोहरे समय क्षेत्रों का हास्यप्रद तरीके से ज़िक्र किया, जहाँ बच्चे ऑस्ट्रेलियाई समय के अनुसार चलते हैं जबकि भारत में दादा-दादी वीडियो कॉल का इंतज़ार करते हैं। इस जीवंत वर्णन ने उन दैनिक जीवन को दर्शाया जो हजारों किलोमीटर की दूरी के बावजूद गहराई से जुड़े हुए हैं।

“मैं यहाँ के पारंपरिक स्वामियों को नमन करके शुरुआत करना चाहता हूँ, और मैं उनके बुजुर्गों को श्रद्धांजलि देता हूँ – चाहे वे अतीत के हों, वर्तमान के या उभरते हुए। यह कार्यक्रम हाउसफुल है। यह एक ब्लॉकबस्टर है...”

द्विपक्षीय बंधन और साझा आकांक्षाएँ

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने पीएम मोदी को 'इस देश का सच्चा दोस्त' बताया। अल्बनीज ने 1991 में भारत की अपनी बैकपैकिंग यात्रा और भारतीय आतिथ्य की गर्माहट को याद करते हुए व्यक्तिगत किस्से साझा किए।

पूर्व प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने भी भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों के महत्व पर जोर दिया, पीएम मोदी के साथ अपने मजबूत व्यक्तिगत और पेशेवर संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने अपनी चर्चाओं में 'क्वाड' और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के महत्व पर प्रकाश डाला।

ऑस्ट्रेलिया पर प्रवासी समुदाय का प्रभाव

अल्बनीज ने ऑस्ट्रेलियाई प्रगति के लिए भारतीय समुदाय की कड़ी मेहनत और उदारता को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवा, आईटी, उद्यमिता और शिक्षा क्षेत्र में उनके योगदान का उल्लेख किया।

भारतीय छात्रों और कुशल पेशेवरों के प्रवाह ने ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था और शैक्षिक परिदृश्य को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा दिया है, खासकर विक्टोरिया जैसे राज्यों में, जो उच्च शिक्षा का एक प्रसिद्ध केंद्र है।

एकता का जीवंत प्रदर्शन

‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम एकता का एक जीवंत प्रदर्शन था, जिसमें भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई झंडे एक साथ लहरा रहे थे। सांस्कृतिक प्रदर्शन, संगीत और देशभक्ति के नारे स्टेडियम में गूंज रहे थे, जिससे एक ऊर्जावान और उत्सवपूर्ण माहौल बना।

उपस्थित लोग अपार खुशी और गर्व व्यक्त कर रहे थे, कई लोगों ने इस कार्यक्रम को 'ऐतिहासिक' बताया और पीएम मोदी के संबोधन का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे। मोदी के नेतृत्व द्वारा आकारित एक आधुनिक, मजबूत भारत की भावना पूरे समारोह में गूंज रही थी।

आगे क्या देखें

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को मजबूत करना जारी रखे हुए है, जिसमें रणनीतिक सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर ध्यान केंद्रित किया गया है। द्विपक्षीय समझौतों और पहलों पर आगे की घोषणाओं की उम्मीद है।