वायनाड भूस्खलन: सुरंग निर्माण स्थल पर 2 की मौत, 7 फंसे
केरल के वायनाड में सुरंग निर्माण स्थल के पास भूस्खलन, 2 की मौत, 7 लोगों के फंसे होने की आशंका।

वायनाड सुरंग परियोजना स्थल पर भूस्खलन ने मचाई तबाही
केरल के वायनाड में मुंडक्काई के पास एक सुरंग निर्माण स्थल पर भीषण भूस्खलन हुआ है। इस दुखद घटना में दो लोगों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए हैं। यह भूस्खलन मीनाक्षी पुल के पास हुआ, जहां मलप्पुरम और वायनाड जिलों को जोड़ने वाली अनाकंपोयल-कल्लाई-मेप्पदी जुड़वां सुरंग परियोजना पर काम चल रहा है।
भारी बारिश के बीच फंसे श्रमिकों के लिए चिंता
कम से कम सात श्रमिकों के मलबे में फंसे होने की गंभीर आशंका है। ये लोग इंजीनियर और सुरक्षा कर्मचारी बताए जा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से वायनाड में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद यह भूस्खलन हुआ। एक सरकारी अधिकारी ने कहा, "अगर वहां काम चल रहा होता, तो यह एक बड़ी त्रासदी होती।" घायलों को तुरंत मेप्पदी WIMS अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पिछली आपदाओं की यादें ताजा, बारिश को लेकर चिंता
मुंडक्काई के पास का यह इलाका 2024 के विनाशकारी भूस्खलन का केंद्र था, जिसमें 300 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। इसी इलाके में एक और बड़े भूस्खलन की घटना ने स्थानीय समुदाय में गहरी चिंता पैदा कर दी है और दुखद यादों को ताजा कर दिया है। केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में इस क्षेत्र में लगभग 265 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो इस मौसम में सबसे अधिक है।
'मानव निर्मित' कारणों पर उठ रहे सवाल
अधिकारी भूस्खलन के कारणों की जांच कर रहे हैं, कुछ लोगों का मानना है कि यह पूरी तरह से प्राकृतिक नहीं हो सकता है। चल रहे निर्माण कार्यों की निकटता और अप्रत्याशित बारिश को जांच का मुख्य बिंदु बनाया गया है। KSDMA द्वारा जारी भारी बारिश के आंकड़े घटना की गतिशीलता को समझने में महत्वपूर्ण सबूत हैं।
आगे क्या?
लापता श्रमिकों के लिए बचाव अभियान तत्काल ध्यान का केंद्र बना रहेगा। इसके साथ ही, भूस्खलन के कारणों की गहन जांच की जाएगी, खासकर 'मानव निर्मित' होने की चिंताओं और 2024 की आपदा स्थल से निकटता को देखते हुए।
