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अफगानिस्तान में पाकिस्तानी हमलों का जवाब: हेलमंद प्रांत में 15 पाकिस्तानी सैनिक ढेर, अफगान बलों ने कब्जाए 3 चौकियां

अफगानिस्तान के हेलमंद प्रांत में शुक्रवार रात अफगान बलों ने पाकिस्तानी हमलों का करारा जवाब देते हुए 15 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया। यह कार्रवाई...

Oct 12
3 min read
अफगानिस्तान में पाकिस्तानी हमलों का जवाब: हेलमंद प्रांत में 15 पाकिस्तानी सैनिक ढेर, अफगान बलों ने कब्जाए 3 चौकियां

अफगानिस्तान के हेलमंद प्रांत में शुक्रवार रात अफगान बलों ने पाकिस्तानी हमलों का करारा जवाब देते हुए 15 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया। यह कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा अफगान क्षेत्र, जिसमें राजधानी काबुल भी शामिल है, पर किए गए हवाई हमलों के बाद की गई है।

हेलमंद प्रांतीय सरकार के प्रवक्ता मौलवी मोहम्मद कासिम रियाज ने बताया कि “पाकिस्तानी सेना के 15 सैनिक अफगान बलों की जवाबी कार्रवाई में मारे गए। अफगान बलों ने ड्यूरंड रेखा के पास बहारमपुर जिले में पाकिस्तानी सेना की तीन चौकियों पर कब्जा भी कर लिया और हथियार व गोला-बारूद जब्त किए।”

हवाई हमलों के बाद अफगान पलटवार

गुरुवार को अफगानिस्तान में तीन धमाके हुए थे—दो काबुल में और एक दक्षिणपूर्वी पकतीका प्रांत में। अफगान रक्षा मंत्रालय ने पाकिस्तान पर हवाई हमले करने का आरोप लगाया था और इसे “अफगान संप्रभुता का उल्लंघन” बताया था।

मंत्रालय ने कहा, “पाकिस्तानी सेना के हवाई हमलों के जवाब में, अफगान बल सीमा के विभिन्न इलाकों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों से भीषण संघर्ष में लगे हुए हैं।”

रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता इनायत खोवारजम ने एएफपी से कहा कि “हमारे अभियान सफल रहे और मध्यरात्रि तक समाप्त हुए। यदि पाकिस्तान ने दोबारा हमारी सीमा का उल्लंघन किया, तो हमारी सेना दृढ़ता से जवाब देगी।”

कई सीमाई प्रांतों में संघर्ष जारी

सूत्रों के अनुसार, अफगान बल अब पाकिस्तान के खिलाफ हेलमंद, कंधार, ज़ाबुल, पकतीका, पक्तिया, खोस्त, नंगरहार और कुनार प्रांतों में कार्रवाई कर रहे हैं। ये सभी प्रांत अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा से सटे हैं।

पाकिस्तानी अधिकारियों ने हालांकि हवाई हमले करने की पुष्टि नहीं की, लेकिन काबुल से “अपने क्षेत्र में टीटीपी आतंकियों को शरण देने” से रोकने की मांग की है।

टीटीपी पर तनाव की जड़

तेहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP), जिसे पाकिस्तानी तालिबान भी कहा जाता है, अफगान तालिबान की वैचारिक सहयोगी संगठन है। इसने 2001 से 2021 तक के युद्ध के दौरान अफगान तालिबान का समर्थन किया था।

इस्लामाबाद का कहना है कि 2021 के बाद से टीटीपी ने उसके सैकड़ों सैनिकों की हत्या की है। पाकिस्तानी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “आज शाम अफगान बलों ने भारी हथियारों से फायरिंग शुरू की। हमने चार स्थानों पर हल्के और भारी तोपों से जवाब दिया। अफगान क्वाडकॉप्टरों को भी मार गिराया गया जो विस्फोटक ले जा रहे थे।”

पाकिस्तान की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि टीटीपी को “अफगान प्रशासन से पर्याप्त लॉजिस्टिक और ऑपरेशनल समर्थन” मिल रहा है।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने पिछले सप्ताह संसद में कहा था कि “अफगान तालिबान को मनाने की हमारी कोशिशें नाकाम रहीं। अब हम और बर्दाश्त नहीं करेंगे। चाहे ठिकाने हमारे क्षेत्र में हों या उनके, हमें एकजुट होकर जवाब देना होगा।”

शनिवार को टीटीपी ने उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान में हुए हमलों की जिम्मेदारी ली थी, जिनमें 20 सुरक्षा कर्मी और 3 नागरिकों की मौत हुई थी।