काशी में वॉलीबॉल महाकुंभ का आगाज़: पीएम मोदी ने दिया टीम फर्स्ट का संदेश, 1022 खिलाड़ी मैदान में
वाराणसी में राष्ट्रीय स्तर की नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का शुभारंभ • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल उद्घाटन कर खेल को एकजुटता और अनुशासन का प्रतीक...

वाराणसी में राष्ट्रीय स्तर की नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का शुभारंभ
• प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल उद्घाटन कर खेल को एकजुटता और अनुशासन का प्रतीक बताया
• देशभर से 1022 खिलाड़ी भाग लेकर काशी को बना रहे खेलों का नया केंद्र
• युवाओं, कोचों और खेल प्रशासन के लिए राष्ट्रीय मंच और अवसर
देश की आध्यात्मिक राजधानी काशी ने रविवार को खेलों के राष्ट्रीय उत्सव की मेजबानी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी के सिगरा स्थित डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम से नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का वर्चुअल उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने वॉलीबॉल को ऐसा खेल बताया जो टीम फर्स्ट, अनुशासन और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश देता है।
स्टेडियम में उत्साह, जयघोष से गूंजा परिसर
दोपहर 12 बजे जैसे ही प्रधानमंत्री कार्यक्रम से जुड़े, पूरा स्टेडियम “हर-हर महादेव” के नारों से गूंज उठा। पीएम मोदी ने “नमः पार्वती पतये हर-हर महादेव” के उद्घोष के साथ खिलाड़ियों, कोचों और आयोजन से जुड़े कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया।
मुख्यमंत्री योगी की मौजूदगी, खिलाड़ियों का सम्मान
इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं मौजूद रहे। उद्घाटन से पहले उन्होंने विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों का स्वागत किया और कहा कि उत्तर प्रदेश खेल अवसंरचना और प्रतिभा विकास का मजबूत केंद्र बन रहा है।
क्यों अहम है यह चैंपियनशिप
नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में देश के अलग-अलग राज्यों और संस्थानों से 1022 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। खेल विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की प्रतियोगिताएं युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय पहचान देती हैं और टीम स्पोर्ट्स संस्कृति को मजबूत करती हैं।
काशी का खेलों की ओर बढ़ता कदम
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि वाराणसी को केवल सांस्कृतिक ही नहीं, बल्कि खेल आयोजनों के प्रमुख केंद्र के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। बड़े राष्ट्रीय टूर्नामेंट से स्थानीय अर्थव्यवस्था, खेल प्रशिक्षण और युवा सहभागिता को सीधा लाभ मिलता है।
पीएम मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वॉलीबॉल जैसे खेल व्यक्तिगत प्रतिभा से अधिक सामूहिक तालमेल सिखाते हैं और यही भावना समाज और राष्ट्र निर्माण में भी जरूरी है। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल भावना बनाए रखने और देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया।
