बैतूल में दो नगर निगम कर्मचारियों की संदिग्ध आत्महत्या: दफ्तर में कथित उत्पीड़न की जांच शुरू
मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में मंगलवार देर रात नगर परिषद की 48 वर्षीय महिला लिपिक और जलप्रदाय विभाग के 29 वर्षीय कर्मचारी की कुएं...

मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में मंगलवार देर रात नगर परिषद की 48 वर्षीय महिला लिपिक और जलप्रदाय विभाग के 29 वर्षीय कर्मचारी की कुएं में कूदकर संदिग्ध आत्महत्या करने की घटना से शहर में सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जांच में कार्यस्थल पर कथित मानसिक उत्पीड़न और चरित्रहनन वाली टिप्पणियों की बात सामने आई है, जिसकी पुष्टि अभी पुलिस जांच के बाद ही होगी।
मंगलवार रात से लापता, बुधवार सुबह मिले शव
पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान रजनी डुंडेले (48) और मिथुन (29) के रूप में हुई है।
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दोनों मंगलवार रात करीब 9 बजे से लापता थे।
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रजनी का मोबाइल उनके बंद घर के भीतर मिला, जबकि मिथुन का फोन उनके खेत के पास लोकेट हुआ।
बुधवार सुबह बैयावाड़ी गांव के पास एक कुएं के पास मिथुन की बाइक और चप्पलें दिखीं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पहले रजनी और फिर मिथुन का शव कुएं से निकाला।
डायरी में मिला कथित सुसाइड नोट
रजनी के परिवार ने पुलिस को एक डायरी सौंपी है, जिसमें हस्तलिखित नोट मिलने का दावा किया गया है।
परिवार के अनुसार, नोट में रजनी ने लिखा कि—
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कार्यालय में चल रही लगातार तानेबाजी,
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चरित्र पर संदेह जताने वाली टिप्पणियाँ,
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तथा कुछ कर्मचारियों द्वारा किए गए मानसिक उत्पीड़न
से वह अत्यधिक परेशान थीं।
पुलिस ने कहा है कि नोट की प्रामाणिकता की जांच की जा रही है और इसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
परिजनों का दावा: ‘दफ्तर का दबाव सहन नहीं कर सकीं’
रजनी के एक परिजन ने पुलिस को बताया कि वह कई दिनों से मानसिक रूप से तनाव में थीं।
उन्होंने कहा, “कॉल नहीं उठी तो हम घर पहुंचे, जो अंदर से बंद था। सीसीटीवी में वह भड़कवाड़ी तरफ जाती दिखीं। वह मिथुन को बेटे जैसा मानती थीं, लेकिन दफ्तर में फैली अफवाहों से अत्यधिक परेशान थीं।”
मिथुन के भाई विनय ने बताया, “वह रात में घर से निकले और वापस नहीं लौटे। सुबह उनकी बाइक और चप्पलें कुएं के पास मिलीं।”
पुलिस: ‘संबंधों को लेकर उत्पीड़न के आरोप की जांच जारी’
जांच अधिकारी ने बताया कि शुरुआती साक्ष्यों के आधार पर यह आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है।
हालांकि, यह दावा कि दोनों को “रिश्ते” को लेकर परेशान किया जा रहा था, अभी सिर्फ आरोप है और इसकी जांच की जा रही है।
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नगर परिषद के कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
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कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी और डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है।
अधिकारी ने कहा, “जब तक जांच पूरी नहीं होती, किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।”
समाज और कार्यस्थलों में संवेदनशीलता की आवश्यकता
यह मामला सरकारी दफ्तरों में कार्यस्थल आचरण, लैंगिक संवेदनशीलता, और मानसिक स्वास्थ्य समर्थन की आवश्यकता को फिर से रेखांकित करता है। पुलिस का कहना है कि अगर उत्पीड़न की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
