मुरैना सोलर प्रोजेक्ट चंबल क्षेत्र के विकास की दिशा में मील का पत्थर: ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला
नई और अक्षय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने शुक्रवार को कहा कि मुरैना सोलर प्रोजेक्ट चंबल क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में अहम भूमिका...

नई और अक्षय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने शुक्रवार को कहा कि मुरैना सोलर प्रोजेक्ट चंबल क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा होंगे तथा क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री शुक्ला ने बताया कि मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज प्रोजेक्ट ने 25 वर्षों के लिए ₹2.70 प्रति यूनिट की रिकॉर्ड न्यूनतम दर हासिल की है।
मुरैना सोलर पार्क में दो सोलर प्लस बैटरी स्टोरेज यूनिट शामिल हैं। यह परियोजना इस तरह डिजाइन की गई है कि दिन के सौर ऊर्जा घंटों के साथ-साथ शाम के पीक घंटों में भी निरंतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके — यह सुविधा देश के अन्य सोलर प्रोजेक्ट्स से अलग है, जहां आमतौर पर पीक आवर में बिजली उत्पादन घट जाता है।
शुक्ला ने कहा, “यह बैटरी आधारित परियोजना शाम 6 बजे के बाद भी दो घंटे तक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेगी।”
नई और अक्षय ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने कहा कि कोयला आधारित थर्मल ऊर्जा की तुलना में सौर ऊर्जा काफी सस्ती है, जिससे न केवल आर्थिक बल्कि पर्यावरणीय लाभ भी होंगे।
मुख्य बिंदु:
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मुरैना सोलर पार्क से पीक और नॉन-पीक दोनों घंटों में समान बिजली आपूर्ति
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25 वर्षों के लिए ₹2.70 प्रति यूनिट की निश्चित दर
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महंगी कोयला आधारित बिजली के स्थान पर सस्ती सौर ऊर्जा का उपयोग
