भोपाल के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को अज्ञात कॉल से फिरौती की कोशिश, डेटा लीक पर उठे सवाल
भोपाल शहर के करीब दर्जनभर सरकारी स्कूलों में कार्यरत 100 से अधिक शिक्षकों को हाल के दिनों में अज्ञात नंबरों से पैसे वसूलने के कॉल...

भोपाल शहर के करीब दर्जनभर सरकारी स्कूलों में कार्यरत 100 से अधिक शिक्षकों को हाल के दिनों में अज्ञात नंबरों से पैसे वसूलने के कॉल आ रहे हैं। कॉल करने वाले खुद को किसी सहकर्मी का परिचित बताकर डिजिटल धोखाधड़ी करने की कोशिश कर रहे हैं। इस घटना ने शिक्षा विभाग के डेटा सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कॉल कर रहे हैं “सर जी” नाम से फर्जी व्यक्ति
शिक्षकों के अनुसार, कॉल करने वाला व्यक्ति किसी परिचित शिक्षक का नाम लेकर कहता है — “मेरा फोन काम नहीं कर रहा, तुरंत पैसे ट्रांसफर करो, कोई व्यक्ति लौटाकर दे देगा।”
जब शिक्षक कॉलर का नंबर Truecaller पर जांचते हैं, तो वहां “Sir G” नाम दिखाई देता है।
यह कॉल्स सरकारी महाराणा प्रताप हायर सेकेंडरी स्कूल, जहांगिराबाद, सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल अरीफ नगर, सुल्तानिया हायर सेकेंडरी स्कूल, पुतलिघर स्कूल, हामिदिया नंबर-1 स्कूल, बाग फरहत अफ़ज़ा, और कररिया प्राथमिक विद्यालय सहित कई संस्थानों के शिक्षकों को आए हैं।
कॉलर के पास शिक्षकों का पूरा निजी डेटा
सबसे चिंताजनक बात यह है कि कॉल करने वाले के पास शिक्षकों का पूरा व्यक्तिगत विवरण मौजूद है — नाम, पद, कार्यस्थल और मोबाइल नंबर तक।
शिक्षकों का कहना है कि यह जानकारी केवल शिक्षा विभाग के डिजिटल पोर्टल्स — जैसे ‘हमारे शिक्षक’ ऐप और अन्य उपस्थिति निगरानी प्रणालियों — पर दर्ज रहती है।
शिक्षक संघ ने डेटा लीक की जांच की मांग की
मध्यप्रदेश राजकीय शिक्षक संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने कहा कि इन घटनाओं से साफ है कि शिक्षकों का डेटा लीक हुआ है। उन्होंने कहा,
“ऐसी संवेदनशील जानकारी केवल विभागीय ऐप्स पर दर्ज होती है। अगर ये जानकारी बाहरी लोगों तक पहुंच रही है, तो यह गंभीर लापरवाही है। शिक्षा विभाग को तुरंत जांच कर साइबर सुरक्षा मजबूत करनी चाहिए।”
उन्होंने बताया कि सभी शिक्षकों ने इस मामले की सूचना जिला शिक्षा अधिकारी (DEO), भोपाल को दी है। अधिकारी ने जांच का आश्वासन दिया है।
डेटा सुरक्षा पर खतरे की घंटी
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कर्मचारियों का डेटा सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि इस तरह की घटनाएं न केवल वित्तीय नुकसान का कारण बन सकती हैं, बल्कि व्यक्तिगत गोपनीयता के लिए भी खतरा हैं।
भोपाल साइबर सेल के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शिक्षकों को ऐसे कॉल आने पर कभी भी कोई लेनदेन न करने, और तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज करने की सलाह दी गई है।
