तीन देशों की यात्रा संपन्न, पीएम मोदी भारत लौटे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की छह दिवसीय यात्रा समाप्त की और शनिवार शाम को भारत वापस आ गए।

तीन देशों की यात्रा का समापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की छह दिवसीय आधिकारिक यात्रा संपन्न कर ली है। वह शनिवार शाम को भारत वापस लौट आए। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत की 'एक्ट ईस्ट' और हिंद-प्रशांत नीतियों को मजबूत करना और इस क्षेत्र में मजबूत आर्थिक व रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देना था।
रणनीतिक साझेदारी को मिली मजबूती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन देशों की छह दिवसीय आधिकारिक यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न हुई। उन्होंने शनिवार शाम को भारत के लिए प्रस्थान किया। इस यात्रा में इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड शामिल थे। यात्रा के अंतिम पड़ाव ऑकलैंड में, न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने हवाई अड्डे पर विशेष विदाई दी, जिसे दोनों देशों के बीच गहरे होते संबंधों का एक मजबूत प्रतीक माना जा रहा है।
व्यापक चर्चाएं और महत्वपूर्ण समझौते
अपनी यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने तीनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के साथ व्यापक चर्चा की। इन उच्च-स्तरीय बैठकों में द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दे केंद्रीय रहे। रक्षा, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश, शिक्षा और प्रौद्योगिकी जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया। इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौते किए गए।
भारत-न्यूजीलैंड संबंध हुए बेहतर
यात्रा का सबसे प्रभावशाली पड़ाव न्यूजीलैंड रहा, जहां दोनों देशों ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी तक पहुंचाने पर सहमति व्यक्त की। भारत और न्यूजीलैंड ने द्विपक्षीय व्यापार को लगभग 35,000 करोड़ रुपये तक बढ़ाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। कृषि, डेयरी, नवाचार, शिक्षा और डिजिटल अर्थव्यवस्था में भी सहयोग का विस्तार होगा।
ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया के साथ संबंधों को मजबूत करना
ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया के साथ चर्चाओं से भी आर्थिक, रक्षा और क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण पहलें हुईं। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता को बढ़ावा देने और आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। चर्चाओं में निवेश प्रवाह बढ़ाने और हिंद-प्रशांत ढांचे के भीतर भारत की रणनीतिक भूमिका और प्रभाव को बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। इस यात्रा को भारत की राजनयिक और आर्थिक पहुंच के लिए एक महत्वपूर्ण बढ़ावा माना जा रहा है।
आगे क्या?
इस यात्रा के सफल समापन से व्यापार और निवेश के संबंध में ठोस परिणाम मिलने की उम्मीद है। हाल ही में हस्ताक्षरित समझौतों के कार्यान्वयन पर आगे के विवरणों पर बारीकी से नजर रखी जाएगी।
