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परीक्षण के लिए बेंगलुरु पहुंची वंदे भारत स्लीपर ट्रेन

बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का अंतिम परीक्षण बेंगलुरु में शुरू हो गया है, जो भारत की दूसरी प्रीमियम रात भर की अर्ध-हाई-स्पीड रेल सेवा...

Jul 2
2 min read
परीक्षण के लिए बेंगलुरु पहुंची वंदे भारत स्लीपर ट्रेन

परीक्षण के लिए बेंगलुरु पहुंची वंदे भारत स्लीपर ट्रेन

बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन अंतिम परीक्षण के लिए बेंगलुरु पहुंच गई है। यह भारत की दूसरी प्रीमियम रात भर की अर्ध-हाई-स्पीड रेल सेवा के लॉन्च की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यात्रा अनुभव में सुधार

इस ट्रेन के शुरू होने से कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच रात भर की यात्रा अधिक तेज़ और आरामदायक हो जाएगी। यह हुबली-धारवाड़, बेलगावी और पुणे जैसे प्रमुख स्टेशनों को भी जोड़ेगी।

लॉन्च की ओर एक कदम

बीईएमएल द्वारा इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) की तकनीक से विकसित यह अत्याधुनिक ट्रेन जल्द ही केएसआर बेंगलुरु और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) मुंबई के बीच चलेगी। हालांकि, लॉन्च से पहले नियामक अनुमोदन का इंतजार है।

समय-सीमा और नियामक प्रक्रिया

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पहले ही लॉन्च का संकेत दिया था। अधिकारियों का जोर है कि व्यावसायिक संचालन केवल कड़ी सुरक्षा और प्रदर्शन परीक्षणों के सफल समापन के बाद ही शुरू होगा।

पहली स्लीपर सेवा का उदाहरण

बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर देश की दूसरी ऐसी सेवा होगी। पहली वंदे भारत स्लीपर, जिसे जनवरी 2026 में हावड़ा और कामाख्या के बीच लॉन्च किया गया था, ने यात्रा के समय को लगभग छह घंटे कम कर दिया था।

कोच संरचना और यात्री क्षमता

यह ट्रेन कुल 16 कोचों के साथ आती है और इसमें 823 यात्री बैठ सकते हैं। इसमें 11 एसी थ्री-टियर (3AC) कोच (611 बर्थ), 4 एसी टू-टियर (2AC) कोच (188 बर्थ) और 1 फर्स्ट एसी (1AC) कोच (24 बर्थ) शामिल हैं।

यात्री सुविधा और सुरक्षा

180 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति के लिए डिज़ाइन की गई इस ट्रेन में एर्गोनोमिक बर्थ, ऑटोमैटिक प्लग डोर, स्मूथ सस्पेंशन सिस्टम, कम केबिन शोर और आधुनिक इंटीरियर जैसी सुविधाएं हैं।

उन्नत सुरक्षा और स्वच्छता

ट्रेन में कवच स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली, आपातकालीन टॉक-बैक संचार प्रणाली, उन्नत ड्राइवर कंट्रोल इंटरफ़ेस, कीटाणुशोधन तकनीक और वायुगतिकीय रूप से डिज़ाइन किया गया बाहरी हिस्सा जैसी उन्नत सुरक्षा और स्वच्छता सुविधाएँ शामिल हैं।

आगे क्या देखना है

बेंगलुरु में चल रहे अंतिम चरण के परीक्षण जल्द ही पूरे होने की उम्मीद है। सभी आवश्यक नियामक मंजूरी मिलने के बाद, यह प्रीमियम वंदे भारत स्लीपर नेटवर्क का विस्तार करेगा।