भारत में नई ग्रामीण रोजगार योजना का शुभारंभ
केंद्र सरकार ने विक्सित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) लॉन्च किया, जो मनरेगा की जगह लेगा और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देगा।
नई ग्रामीण रोजगार योजना का शुभारंभ
भारत सरकार ने पूरे देश में VB-G RAM G (विक्सित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन - ग्रामीण) योजना की शुरुआत की है। यह पहल ग्रामीण रोजगार को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देने, मजदूरी में सुधार करने और ग्रामीण परिवारों के लिए समय पर भुगतान सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखती है।
इस नई योजना के तहत, पात्र परिवारों को पहले के 100 दिनों की तुलना में सालाना 125 दिनों का गारंटी रोजगार मिलेगा, जिसमें दैनिक मजदूरी में भी वृद्धि की गई है। भारत भर के सभी पात्र ग्रामीण परिवार इस नई रोजगार और आजीविका मिशन से प्रभावित होंगे।
VB-G RAM G ने MGNREGA की जगह ली
केंद्र सरकार ने आधिकारिक तौर पर पूरे देश में VB-G RAM G – विक्सित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) लागू कर दिया है। यह नई योजना मौजूदा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) की जगह लेगी। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को अधिक रोजगार, बेहतर मजदूरी और समय पर भुगतान प्रदान करके उनकी आजीविका को मजबूत करना है।
रोजगार गारंटी और मजदूरी में वृद्धि
नए ढांचे के तहत, पात्र ग्रामीण परिवारों को अब एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलती है, जो पहले के 100 दिनों से अधिक है। इस विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की आय में वृद्धि होने की उम्मीद है। सरकार इस बात पर जोर देती है कि यह योजना स्थायी आजीविका के अवसर विकसित करने पर भी केंद्रित है।
दैनिक मजदूरी दर में भी काफी वृद्धि की गई है। राष्ट्रीय औसत मजदूरी को 298.80 रुपये से बढ़ाकर 327.40 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी पात्र मजदूर को प्रतिदिन 300 रुपये से कम नहीं मिलेगा। इस बढ़ी हुई मजदूरी का उद्देश्य मुद्रास्फीति के प्रभाव को कम करना और ग्रामीण श्रमिकों की क्रय शक्ति को बढ़ाना है।
समय पर भुगतान और पारदर्शिता पर जोर
VB-G RAM G योजना समय पर मजदूरी भुगतान पर विशेष जोर देती है। उन श्रमिकों के लिए मुआवजे का प्रावधान पेश किया गया है जिनका भुगतान निर्धारित समय-सीमा के भीतर नहीं किया जाता है। इस उपाय का उद्देश्य भुगतान प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता लाना और यह सुनिश्चित करना है कि श्रमिकों को उनका देय पारिश्रमिक तुरंत मिले। सरकार देरी को कम करने के लिए डिजिटल भुगतान प्रणालियों को सुव्यवस्थित करने पर भी काम कर रही है।
आर्थिक प्रभाव और भविष्य का दृष्टिकोण
विशेषज्ञों का मानना है कि रोजगार के दिनों में वृद्धि और उच्च मजदूरी से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय बुनियादी ढांचे, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण परियोजनाओं में तेजी से विकास हो सकता है। इसके अलावा, यह अनुमान लगाया गया है कि घर के करीब रोजगार के अवसर प्रदान करने से ग्रामीण-शहरी प्रवास में कमी आएगी। इस योजना का overarching लक्ष्य ग्रामीण विकास को गति देना और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। VB-G RAM G योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए राज्य सरकारों और जिला प्रशासनों को आवश्यक दिशानिर्देश जारी कर दिए गए हैं।
आगे क्या देखना है
राष्ट्र इस नई योजना की जमीनी हकीकत पर प्रभाव का बारीकी से अवलोकन करेगा। निगरानी किए जाने वाले मुख्य संकेतकों में रोजगार के दिनों की वास्तविक मांग और लाभार्थियों को समय पर मजदूरी भुगतान की निरंतरता शामिल होगी। ग्रामीण आर्थिक संकेतकों पर दीर्घकालिक प्रभाव और प्रवासन में कमी इसकी सफलता के महत्वपूर्ण माप होंगे।
