भोपाल दोहरा हत्याकांड: बुजुर्ग दंपति का राज़मयी जीवन उजागर, 'विदेश में बेटा' की कहानी झूठी निकली
भोपाल में बुजुर्ग दंपति हेमंत और शकुंतला बारीक मृत पाए गए। जांच में खुलासा हुआ कि विदेश में बेटे की उनकी कहानी झूठी थी, जिससे...

- क्या हुआ: 26 जून को बुजुर्ग दंपति हेमंत बारीक और शकुंतला बारीक अपने सुदामा नगर स्थित घर में मृत पाए गए, उनके शव विघटित अवस्था में थे।
- यह क्यों मायने रखता है: जो शुरू में एक दुखद मौत लग रही थी, वह एक जटिल दोहरे हत्याकांड की जांच में बदल गई है, जिसमें खुलासा हुआ है कि दंपति ने विदेश में रहने वाले एक बेटे के अस्तित्व की मनगढ़ंत कहानी बनाई थी।
- क्या बदलता है: इस खुलासे से पड़ोसी गहरे सदमे में हैं, जो मानते थे कि दंपति का एक बेटा है, जिससे उनके पहले शांत माने जाने वाले जीवन पर नई रोशनी पड़ी है।
- कौन प्रभावित है: बारीक परिवार, विशेष रूप से हेमंत की भाभी शिवानी, और सुदामा नगर कॉलोनी के निवासी, जो अब इस चौंकाने वाली सच्चाई से जूझ रहे हैं।
सुदामा नगर में दंपति मृत पाए गए
26 जून को भोपाल की सुदामा नगर कॉलोनी का शांत माहौल तब बिखर गया, जब एक बुजुर्ग दंपति, हेमंत बारीक और शकुंतला बारीक, के विघटित शव उनके घर के अंदर मिले। इस चौंकाने वाली खोज ने उनकी रहस्यमयी मौत की पुलिस जांच को तुरंत शुरू कर दिया।
जैसे-जैसे अधिकारी परिस्थितियों की गहराई में गए, विवरण सामने आने लगे, जिससे दंपति के जीवन और दोहरे हत्याकांड के इर्द-गिर्द का रहस्य और गहरा गया।
गैर-मौजूद बेटे का खुलासा
पड़ोसियों से पुलिस पूछताछ के दौरान एक सबसे चौंकाने वाला विवरण सामने आया। पूरी कॉलोनी को यह विश्वास दिलाया गया था कि हेमंत और शकुंतला का एक बेटा विदेश में रहता है, यह कहानी दंपति ने लगातार साझा की थी।
हालांकि, यह कहानी तब बिखर गई जब त्रासदी के बाद रिश्तेदार पहुंचे। हेमंत की भाभी, शिवानी, ने जांचकर्ताओं को बताया कि दंपति की कोई संतान नहीं थी। इस खुलासे ने पड़ोसियों को स्तब्ध कर दिया और पुलिस को एक महत्वपूर्ण नई लीड मिली।
एकांत में छिपा जीवन
निवासियों ने हेमंत और शकुंतला को शांत व्यक्ति बताया जो अधिकतर अपने आप में रहते थे। वे असामाजिक होने के लिए जाने जाते थे, शायद ही कभी दूसरों के साथ बातचीत करते थे या सामुदायिक समारोहों में भाग लेते थे।
एक पड़ोसी ने उन घटनाओं को याद किया जहां बच्चों की गेंद गलती से उनके आंगन में गिरने पर हेमंत स्पष्ट रूप से गुस्सा हो जाते थे। समय के साथ, क्षेत्र के लोगों के साथ उनकी बातचीत काफी कम हो गई, और वे घर के अंदर रहना पसंद करते थे।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि दंपति संतानहीनता के दर्द से जूझ रहे थे, जो बढ़ती उम्र के साथ बढ़ गया और अक्सर उनके बीच झगड़ों का कारण बनता था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और दोहरे हत्याकांड तथा दंपति के छिपे हुए जीवन के इर्द-गिर्द की परिस्थितियों की जांच जारी रखे हुए है।
आगे क्या देखना है
पुलिस से उम्मीद की जाती है कि वह संदिग्धों की पहचान करने और दोहरे हत्याकांड के पीछे के मकसद को स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित करेगी, खासकर बारीक दंपति के जीवन के बारे में उजागर हुए गहरे रहस्यों के आलोक में। उनके अतीत और गैर-मौजूद बेटे की कहानी की आगे की जांच इस जटिल मामले को सुलझाने के लिए महत्वपूर्ण होगी।
