उज्जैन के मंदिर में पूजा कर रहे वांटेड ड्रग तस्कर को राजस्थान पुलिस ने किया गिरफ्तार
राजस्थान पुलिस की ANTF ने उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर से ₹25,000 के इनामी ड्रग तस्कर राकेश जाट को गिरफ्तार किया है, जो वहां कालसर्प पूजा...

मुख्य बिंदु (Top Summary)
- क्या हुआ: राजस्थान पुलिस ने उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर परिसर से वांछित ड्रग तस्कर राकेश जाट को गिरफ्तार किया है।
- यह क्यों महत्वपूर्ण है: आरोपी पर ₹25,000 का इनाम था और वह तीन साल से कई सुरक्षा एजेंसियों को चकमा दे रहा था।
- क्या बदलाव आया है: अंतर-राज्यीय टास्क फोर्स हाई-प्रोफाइल भगोड़ों को पकड़ने के लिए धार्मिक स्थलों पर गुप्त निगरानी बढ़ा रही हैं।
- कौन प्रभावित है: राजस्थान और मध्य प्रदेश में सक्रिय अंतर-राज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क।
मंगलनाथ मंदिर में गिरफ्तारी
राजस्थान एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने मध्य प्रदेश के नीमच निवासी राकेश जाट (33) को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी बुधवार को उज्जैन के प्रसिद्ध मंगलनाथ मंदिर परिसर से की गई है।
आरोपी पिछले तीन वर्षों से फरार चल रहा था। उसे उस समय गिरफ्तार किया गया जब वह कालसर्प दोष निवारण पूजा कर रहा था, जो उसने अपनी फरारी के दौरान बढ़े मानसिक तनाव को कम करने के लिए आयोजित की थी।
गुप्त निगरानी अभियान
सटीक खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, ANTF की टीम ने श्रद्धालुओं के रूप में सादे कपड़ों में जाल बिछाया। उन्होंने आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए महाकालेश्वर मंदिर क्षेत्र के आसपास कड़ी निगरानी शुरू की।
मंगलनाथ मंदिर में उसकी उपस्थिति की पुष्टि होने के बाद, अधिकारियों ने उसे घेर लिया और हिरासत में ले लिया। इस भगोड़े को तुरंत जयपुर ले जाया गया ताकि उसे संभलने या भागने का कोई मौका न मिले।
एक दशक से अंतर-राज्यीय ड्रग तस्करी
जानकारी के अनुसार, राकेश जाट पिछले लगभग 10 वर्षों से ड्रग तस्करी में सक्रिय है। प्रोफेशनल डिप्लोमा धारक होने के बावजूद, उसने जल्दी पैसा कमाने के लिए अपराध का रास्ता चुना और एक अंतर-राज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़ गया। जोधपुर ग्रामीण पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर ₹25,000 का इनाम घोषित किया था।
ANTF के आईजी विकास कुमार ने तीन साल तक चले इस तलाशी अभियान की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा:
"आरोपी लगातार अपने ठिकाने और मोबाइल नंबर बदलकर और अधिकांश समय अपना फोन बंद रखकर पुलिस को चकमा दे रहा था।"
राजस्थान और मध्य प्रदेश में उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं और अधिकारियों का मानना है कि उसके तार बड़े ड्रग माफियाओं से जुड़े हैं।
आगे क्या होगा
जयपुर लाए जाने के बाद, सुरक्षा एजेंसियां राकेश जाट से उसके अंतर-राज्यीय तस्करी नेटवर्क के बारे में विस्तार से पूछताछ करेंगी। उम्मीद है कि उसके खुलासों के आधार पर पुलिस आने वाले दिनों में ड्रग कार्टेल को ध्वस्त करने के लिए कई ठिकानों पर छापेमारी करेगी।
