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ओहियो हादसा: गर्भवती किशोरी की मौत के आरोपी भारतीय को डिपोर्ट करने की मां ने की मांग

अमेरिका के ओहियो में पुलिस पीछा के दौरान हुई भीषण कार दुर्घटना में 17 वर्षीय गर्भवती किशोरी की मौत के बाद पीड़ित परिवार ने आरोपी...

Jun 4
4 min read
ओहियो हादसा: गर्भवती किशोरी की मौत के आरोपी भारतीय को डिपोर्ट करने की मां ने की मांग

मुख्य बिंदु (Top Summary)

  • क्या हुआ: एक 33 वर्षीय भारतीय नागरिक से जुड़े तेज रफ्तार पुलिस पीछा के दौरान हुए भीषण कार हादसे में 17 वर्षीय गर्भवती किशोरी की मौत हो गई।
  • यह क्यों महत्वपूर्ण है: आरोपी ने 2017 में अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश किया था, जिससे आव्रजन नीतियों, कानून प्रवर्तन और निर्वासन (डिपोर्टेशन) पर तीखी बहस छिड़ गई है।
  • क्या बदलाव आया है: संघीय अधिकारियों ने एक आव्रजन हिरासत (इमिग्रेशन डिटेनर) दर्ज की है, जिसका अर्थ है कि मुकदमे के बाद आरोपी को निर्वासन प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।
  • कौन प्रभावित है: पीड़ित का शोक संतप्त परिवार, आरोपी तरसेम सिंह और संघीय आव्रजन प्रवर्तन एजेंसियां।

भीषण सड़क हादसे ने ली मासूमों की जान

अमेरिका के ओहियो में हुए एक दर्दनाक कार हादसे में 17 वर्षीय एशली होम्स और उसके अजन्मे बच्चे की मौत हो गई है। इस जानलेवा दुर्घटना के संबंध में कार चालक 33 वर्षीय तरसेम सिंह को कई गंभीर आरोपों का सामना करना पड़ रहा है।

यह त्रासदी 16 फरवरी को तब हुई जब सिंह ने कथित तौर पर पुलिस के रोकने पर गाड़ी नहीं रोकी और तेज रफ्तार में भागने लगा। रिपोर्टों के अनुसार, रेंज रोवर की गति 55 मील प्रति घंटे (89 किमी/घंटा) के सीमित क्षेत्र में 120 मील प्रति घंटे (193 किमी/घंटा) से अधिक पहुंच गई थी, जिसके बाद उसने वाहन से नियंत्रण खो दिया।

वाहन विपरीत लेन में चला गया, एक जीप से टकराया और कई बार पलट गया। टक्कर के कारण एशली गाड़ी से बाहर गिर गई, जिससे उसे और उसके अजन्मे बच्चे को घातक चोटें आईं, जबकि सिंह को हवाई मार्ग से मियामी वैली हॉस्पिटल ले जाया गया।

शोक संतप्त मां ने की न्याय और डिपोर्ट करने की मांग

पीड़ित की मां 40 वर्षीय एनेट होम्स ने संघीय अधिकारियों से सिंह को स्थायी रूप से देश से डिपोर्ट करने की सार्वजनिक अपील की है। उन्होंने अपनी बेटी और अजन्मे नाती/नातिन को खोने पर गहरा दुख व्यक्त किया।

"अपने पहले बच्चे के साथ गर्भवती होने के दौरान किसी की भी इस तरह मौत नहीं होनी चाहिए। मैं उसे हमेशा के लिए इस देश से बाहर निकाले जाने के पक्ष में हूं। हमें बाद में पता चला कि वह शुरू में यहां अवैध रूप से आया था। वे उसे वहां भेज सकते हैं जहां वह सुरक्षित रहे क्योंकि मैं उसे अब अमेरिका में नहीं देखना चाहती," एनेट होम्स ने न्यूज़वेक को बताया।

परिवार के अनुसार, सिंह एशली के अजन्मे बच्चे का पिता था। रिश्तेदारों ने यह भी खुलासा किया कि इस हादसे से पहले किशोरी ने कई बार इस रिश्ते को खत्म करने का सक्रिय प्रयास किया था।

अवैध प्रवेश और कानूनी कार्रवाई

डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी के अनुसार, सिंह ने फरवरी 2017 में कैलिफोर्निया में दक्षिणी सीमा के रास्ते अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश किया था। हालांकि उस समय उसे गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में एक जज के आदेश पर उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया।

वर्तमान में, सिंह को 10 लाख डॉलर के बॉन्ड पर हिरासत में रखा गया है और वह अपनी अदालती सुनवाई का इंतजार कर रहा है। उसे कई गंभीर आपराधिक आरोपों का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें शामिल हैं:

  • गैर-इरादतन हत्या (Involuntary manslaughter)
  • लापरवाही से हत्या (Reckless homicide)
  • गंभीर वाहन हत्या (Aggravated vehicular homicide)

संघीय आव्रजन अधिकारियों ने सिंह के खिलाफ आधिकारिक तौर पर एक इमिग्रेशन डिटेनर दर्ज किया है। इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाई का मतलब है कि आपराधिक मुकदमा समाप्त होने के बाद उसे डिपोर्टेशन की प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।

अधूरी रह गई जिंदगी की राह

एनेट होम्स ने अपनी बेटी को एक ऊर्जावान और बेहद संवेदनशील युवती के रूप में याद किया। एशली को जानवरों, संगीत और अपने प्रियजनों के साथ समय बिताना पसंद था।

वह अपने भविष्य के लिए ऊंचे सपने देखती थी और दूसरों की मदद करने वाले करियर में जाना चाहती थी। उसके सपनों में जानवरों की डॉक्टर या हृदय देखभाल (कार्डिएक केयर) विशेषज्ञ डॉक्टर बनना शामिल था।

आगे क्या होने वाला है

तरसेम सिंह के बहुप्रतीक्षित जूरी ट्रायल की तारीख आधिकारिक तौर पर 17 से 21 अगस्त तय की गई है। विश्लेषक इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि आईसीई (ICE) द्वारा औपचारिक डिपोर्टेशन प्रक्रिया शुरू करने से पहले क्या उसे इन गंभीर आरोपों में दोषी ठहराया जाता है।

इस मुकदमे का परिणाम यह तय करेगा कि सिंह को देश से निकाले जाने से पहले अमेरिका में लंबी जेल की सजा काटनी होगी या नहीं।