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असम के कार्बी आंगलोंग में इंटरनेट बंद: कानून-व्यवस्था बिगड़ने के बाद सरकार का सख्त कदम

असम के कार्बी आंगलोंग और वेस्ट कार्बी आंगलोंग जिलों में उत्पन्न गंभीर कानून-व्यवस्था की स्थिति के मद्देनज़र राज्य सरकार ने इंटरनेट और मोबाइल डेटा सेवाओं...

Dec 24
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असम के कार्बी आंगलोंग में इंटरनेट बंद: कानून-व्यवस्था बिगड़ने के बाद सरकार का सख्त कदम

असम के कार्बी आंगलोंग और वेस्ट कार्बी आंगलोंग जिलों में उत्पन्न गंभीर कानून-व्यवस्था की स्थिति के मद्देनज़र राज्य सरकार ने इंटरनेट और मोबाइल डेटा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह आदेश मंगलवार, 23 दिसंबर 2025, को जारी किया गया।

मोबाइल डेटा बंद, लेकिन वॉयस कॉल और ब्रॉडबैंड चालू

गृह एवं राजनीतिक विभाग के आयुक्त-सचिव बिस्वजीत पेगु (IAS) द्वारा जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि इस अवधि के दौरान मोबाइल वॉयस कॉल और फिक्स्ड लाइन आधारित ब्रॉडबैंड सेवाएं चालू रहेंगी
हालांकि, मोबाइल इंटरनेट या डेटा सेवाओं का किसी भी प्रकार से उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। आदेश के उल्लंघन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223 और भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम, 1885 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन की रिपोर्ट के बाद फैसला

सरकारी अधिसूचना के अनुसार, 23 दिसंबर को दोनों जिलों के जिला मजिस्ट्रेटों ने राज्य सरकार को रिपोर्ट भेजी थी, जिसमें गंभीर कानून-व्यवस्था संकट की जानकारी दी गई। रिपोर्ट में यह भी आशंका जताई गई कि हालात और बिगड़ सकते हैं तथा सार्वजनिक शांति और सौहार्द को नुकसान पहुंच सकता है।

सोशल मीडिया से अफवाह फैलने की आशंका

राज्य सरकार ने यह भी कहा कि मौजूदा हालात में सोशल मीडिया और इंटरनेट के जरिए भड़काऊ संदेश, अफवाहें और गलत सूचनाएं फैलने का खतरा है, जिससे तनाव और हिंसा और बढ़ सकती है।
इसी आशंका को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगाने का फैसला किया।

किस कानून के तहत लागू हुआ प्रतिबंध

यह आदेश भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम, 1885 की धारा 5(2) तथा टेलीकॉम सेवाओं के अस्थायी निलंबन (जन आपातकाल या जन सुरक्षा) नियम, 2017 के तहत जारी किया गया है। अधिसूचना में कहा गया है कि यह प्रतिबंध अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।

सुरक्षा बनाम संचार की चुनौती

विशेषज्ञों का मानना है कि संवेदनशील इलाकों में इंटरनेट बंद करना प्रशासन के लिए कानून-व्यवस्था संभालने का एक त्वरित उपाय होता है, लेकिन इससे आम नागरिकों, व्यापार और आपात संचार पर भी असर पड़ता है।
हालांकि, सरकार का तर्क है कि मौजूदा परिस्थिति में शांति बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

हालात पर नजर

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है और जैसे ही हालात सामान्य होंगे, इंटरनेट सेवाएं बहाल करने पर निर्णय लिया जाएगा।