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भाजपा छोड़ने की अटकलों के बीच नितिन नबीन से मिले के. अन्नामलाई, नई पार्टी बनाने की चर्चा तेज

तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने नई दिल्ली में पार्टी नेतृत्व से मुलाकात की है। उनके भाजपा छोड़ने और नई राजनीतिक पार्टी बनाने...

Jun 2
3 min read
भाजपा छोड़ने की अटकलों के बीच नितिन नबीन से मिले के. अन्नामलाई, नई पार्टी बनाने की चर्चा तेज
क्या हुआ: तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी छोड़ने की अफवाहों के बीच नई दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और महासचिव बी.एल. संतोष से मुलाकात की।
यह क्यों महत्वपूर्ण है: ऐसी अटकलें तेज हैं कि यह प्रमुख नेता भाजपा छोड़कर एक नई राजनीतिक पार्टी बनाने की योजना बना रहे हैं। पिछले कई महीनों से उनके और पार्टी नेतृत्व के बीच मतभेद चल रहे थे।
क्या बदलेगा: उनका पार्टी छोड़ना राज्य के राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है। हाल ही में टीवीके (TVK) ने राज्य में डीएमके-एआईएडीएमके के सालों पुराने वर्चस्व को खत्म किया है।
कौन प्रभावित होगा: भाजपा नेतृत्व, तमिलनाडु के मतदाता और अन्नामलाई के समर्थक जो उनसे नेतृत्व संभालने की मांग कर रहे हैं।

नई दिल्ली में हाई-प्रोफाइल बैठक

तमिलनाडु भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने मंगलवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और महासचिव बी.एल. संतोष से मुलाकात की। यह मुलाकात उन अटकलों के बीच हुई है जिनमें कहा जा रहा है कि यह बड़े नेता जल्द ही भाजपा छोड़ सकते हैं और एक नई राजनीतिक पार्टी का गठन कर सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक, अन्नामलाई के पिछले कई महीनों से पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ गंभीर मतभेद चल रहे हैं। हालांकि, माना जा रहा है कि वह तुरंत नई पार्टी की घोषणा नहीं करेंगे।

अटकलों पर अन्नामलाई का बयान और जन्मदिन अभियान

सोमवार को जब अन्नामलाई से उनके अगले राजनीतिक कदम के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने लोगों से धैर्य रखने की अपील की। उन्होंने कहा, "कृपया इंतजार करें। हम दो दिनों में बैठकर बात करेंगे।"

अन्नामलाई के 4 जून को आने वाले जन्मदिन से ठीक पहले राजनीतिक हलचल काफी तेज हो गई है। राज्य की मुख्य सड़कों पर उनके समर्थकों ने पोस्टर लगाए हैं, जिन पर नारे लिखे हैं:

  • "हमारे नेता, आगे आएं और हमारा नेतृत्व करें"
  • समर्थकों द्वारा उनके नेतृत्व की चौतरफा मांग
  • सोशल मीडिया पर उनकी बढ़ती लोकप्रियता

तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव

यह घटनाक्रम 2026 के ऐतिहासिक तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के बाद सामने आया है, जिसने डीएमके (DMK) और एआईएडीएमके (AIADMK) के दशकों पुराने दबदबे को खत्म कर दिया। इस चुनाव में टीवीके (TVK) ने अपने पहले ही चुनाव में 108 सीटें जीतकर बड़ी जीत हासिल की थी।

इसके बाद विजय ने 120 विधायकों के समर्थन से तमिलनाडु के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राज्यपाल आर्लेकर ने विजय और उनके मंत्रिमंडल को पद की शपथ दिलाई, जिसमें शामिल हैं:

  • 'बुस्सी' एन. आनंद और आधव अर्जुना
  • के.ए. सेंगोट्टइयन और के.जी. अरुणराज
  • पी. वेंकटरामनन और सीटीआर निर्मल कुमार
  • ए. राजमोहन, कीर्तना और के.टी. प्रभु

भाजपा में अन्नामलाई का उदय

एक पूर्व आईपीएस (IPS) अधिकारी, अन्नामलाई ने साल 2020 में भाजपा में शामिल होकर औपचारिक रूप से राजनीति में प्रवेश किया था। उन्होंने 2021 से 2025 तक पार्टी की राज्य इकाई का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया और खुद को तमिलनाडु में एक प्रमुख नेता के रूप में स्थापित किया।

उनके कार्यकाल के दौरान बड़े पैमाने पर जनसंपर्क कार्यक्रम चलाए गए, जिससे उन्हें युवा मतदाताओं और सोशल मीडिया समुदायों के बीच भारी समर्थन हासिल करने में मदद मिली।

आगे क्या देखना होगा

अब सभी की नजरें अन्नामलाई पर टिकी हैं क्योंकि उनके द्वारा दिए गए दो दिनों का समय पूरा होने वाला है। इससे भाजपा के साथ उनके भविष्य को लेकर स्थिति साफ हो सकती है।

राजनीतिक विश्लेषक नई पार्टी की घोषणा को लेकर 4 जून को उनके जन्मदिन पर होने वाले घटनाक्रमों पर करीब से नजर रखेंगे। साल 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद तमिलनाडु के राजनीतिक समीकरण बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।