‘अभ्युदय मध्य प्रदेश’ ग्रोथ समिट: ग्वालियर से निवेश और रोजगार की नई कहानी, केंद्र में होंगे कामगारों के अनुभव
मध्य प्रदेश सरकार निवेश को अब केवल पूंजी और उद्योग तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि उसके मानवीय प्रभाव को भी सामने लाने की तैयारी...

मध्य प्रदेश सरकार निवेश को अब केवल पूंजी और उद्योग तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि उसके मानवीय प्रभाव को भी सामने लाने की तैयारी में है। इसी सोच के साथ 25 दिसंबर को ग्वालियर में ‘अभ्युदय मध्य प्रदेश’ ग्रोथ समिट का आयोजन किया जा रहा है, जहां नई नौकरियों और उद्योग विस्तार से बदली ज़िंदगियों की कहानियां मंच पर आएंगी।
निवेश से रोजगार: सरकार का बदला हुआ फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य में लगातार ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं, जिनसे नए निवेश के जरिए स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके। सरकार का मानना है कि औद्योगिक विकास तभी सार्थक है, जब उसका सीधा लाभ कामगारों और उनके परिवारों तक पहुंचे। यही कारण है कि इस समिट में नीति घोषणाओं के साथ-साथ ज़मीनी अनुभवों को भी प्रमुखता दी जा रही है।
अटल जयंती पर विशेष प्रदर्शनी
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर ‘निवेश से रोजगार’ थीम पर आधारित एक भव्य प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। करीब 45,000 वर्गफुट क्षेत्र में फैली यह प्रदर्शनी ग्वालियर मेला ग्राउंड में सुबह 11:30 बजे से खुलेगी। इसमें राज्य में हुए औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन और भविष्य की योजनाओं को दृश्य माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।
कार्यक्रम की प्रमुख घोषणाएं और पहल
समिट के दौरान कई अहम गतिविधियां प्रस्तावित हैं, जिनमें शामिल हैं:
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प्रोत्साहन राशि का वितरण
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उद्योगों को भूमि आवंटन
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ग्वालियर व्यापार मेले का उद्घाटन
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ई-जीरो एफआईआर प्रणाली की शुरुआत
इन पहलों को निवेश सुगमता, प्रशासनिक सुधार और औद्योगिक माहौल को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
केंद्रीय नेतृत्व और उद्योग जगत की मौजूदगी
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह इस कार्यक्रम में भाग लेंगे। साथ ही देश के प्रमुख औद्योगिक समूहों और संस्थानों—गोदरेज इंडस्ट्रीज, ग्रीनको, वर्धमान ग्रुप, जेके टायर्स, जुपिटर वैगन्स, मेकन फूड्स, डाबर इंडिया और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड—के प्रतिनिधि भी समिट में मौजूद रहेंगे। उनकी उपस्थिति को राज्य के निवेश माहौल के प्रति भरोसे का संकेत माना जा रहा है।
स्टार्टअप, ODOP और GI उत्पादों का प्रदर्शन
कार्यक्रम में सफल स्टार्टअप्स, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) पहल और जीआई टैग प्राप्त उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसके साथ ही लगभग ₹2 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों और विभिन्न औद्योगिक इकाइयों की जानकारी साझा की जाएगी।
कामगारों की आवाज़: समिट की खास पहचान
इस ग्रोथ समिट की सबसे अलग विशेषता यह होगी कि अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारी स्वयं मंच से बताएंगे कि रोजगार मिलने से उनके जीवन, आय और सामाजिक स्थिति में क्या बदलाव आए। सरकार इसे निवेश के सामाजिक प्रभाव को दिखाने का प्रयास बता रही है।
क्यों अहम है यह समिट
विशेषज्ञों के अनुसार, निवेश को केवल आंकड़ों तक सीमित न रखकर मानव कहानियों से जोड़ना राज्य की ब्रांडिंग को नई दिशा दे सकता है। इससे न सिर्फ निवेशकों का भरोसा बढ़ता है, बल्कि स्थानीय युवाओं में भी उद्योगों के प्रति सकारात्मक धारणा बनती है।
