मध्य प्रदेश का बजट रीसेट: ज़ीरो-बेस्ड बजटिंग, तीन वर्षीय रोलिंग प्लान और टेक-ड्रिवन टैक्स सुधारों से वित्तीय अनुशासन की नई दिशा
मध्य प्रदेश सरकार अपने वित्तीय प्रबंधन को ज़ीरो-बेस्ड बजटिंग और तीन वर्षीय रोलिंग प्लान के जरिए नए सिरे से गढ़ रही है। उपमुख्यमंत्री और वित्त...

मध्य प्रदेश सरकार अपने वित्तीय प्रबंधन को ज़ीरो-बेस्ड बजटिंग और तीन वर्षीय रोलिंग प्लान के जरिए नए सिरे से गढ़ रही है। उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के अनुसार, यह मॉडल खर्चों की प्राथमिकता तय करने, राजस्व स्थिरता बढ़ाने और दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों को साधने में निर्णायक साबित होगा—जिसे हालिया आकलनों में वित्तीय संस्थानों से सकारात्मक सराहना भी मिली है।
क्यों अहम है यह बदलाव
राज्यों के लिए बढ़ते खर्च, सीमित संसाधन और पारदर्शिता की मांग के बीच ज़ीरो-बेस्ड बजटिंग का मतलब है—हर वित्तीय वर्ष में हर खर्च को नए सिरे से तर्कसंगत ठहराना। तीन वर्षीय रोलिंग प्लान इससे आगे बढ़कर मध्यम अवधि की योजना बनाता है, ताकि नीतियां केवल एक साल की नहीं, बल्कि सतत विकास की दिशा में हों। सरकार का दावा है कि यह ढांचा केंद्र के ‘विकसित भारत 2047’ लक्ष्य में राज्य की भूमिका को मजबूत करेगा।
राजस्व और आय: ताज़ा तस्वीर
वित्त मंत्री के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024–25 में राज्य को ₹55,634 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। चालू वित्त वर्ष 2025–26 में नवंबर तक ₹34,829 करोड़ की प्राप्ति दर्ज की गई है।
आर्थिक क्षमता के संकेतक के रूप में 2024–25 में राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) ₹15,03,395 करोड़ रहा, जबकि प्रति व्यक्ति आय ₹1,52,615 आंकी गई।
राजस्व बढ़ाने की रणनीति: शराब नीति में नवाचार
राजस्व सुदृढ़ीकरण के लिए सरकार एक एकीकृत नीति लाने की तैयारी में है, जिसके तहत राज्य के भीतर और बाहर मद्य उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहन दिया जाएगा। साथ ही, एक-दिवसीय मद्य उपभोग/विक्रय लाइसेंस को मोबाइल ऐप के माध्यम से जारी करने की योजना है। अधिकारियों का कहना है कि इससे अनुपालन आसान होगा और अनौपचारिक लेन-देन में कमी आएगी।
कर चोरी पर नकेल: टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल
कर अपवंचन रोकने के लिए यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (ULIP) के जरिए निगरानी और नियंत्रण मजबूत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, विभाग में डेटा एनालिटिक्स और टैक्स रिसर्च यूनिट की स्थापना की जाएगी, ताकि जोखिम-आधारित जांच और नीति-निर्माण अधिक सटीक हो सके।
ई-गवर्नेंस में बढ़त
देवड़ा ने बताया कि मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है जहां 75 प्रकार के दस्तावेज़—जैसे लीज डीड, पावर ऑफ अटॉर्नी और मॉर्गेज—अब वीडियो KYC के जरिए घर बैठे पंजीकृत किए जा रहे हैं। संपदा 2.0 प्लेटफॉर्म को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2025 में स्वर्ण पदक मिलना, डिजिटल सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच का संकेत माना जा रहा है।
विश्वसनीय आकलन और विशेषज्ञ राय
वित्त मंत्री ने कहा कि हालिया मूल्यांकनों में वित्तीय संस्थानों ने राज्य की बजट विश्वसनीयता, बैंकिंग मानकों और वित्तीय प्रबंधन की सराहना की है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यदि ज़ीरो-बेस्ड बजटिंग को कड़ाई से लागू किया गया और टेक-आधारित निगरानी प्रभावी रही, तो राजकोषीय अनुशासन और निवेशकों का भरोसा दोनों मजबूत हो सकते हैं।
निष्कर्ष
मध्य प्रदेश का यह वित्तीय रीसेट केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि खर्च की प्राथमिकताओं, पारदर्शिता और तकनीक के संगम से दीर्घकालिक स्थिरता की कोशिश है। आने वाले महीनों में इसका असर राजस्व संग्रह, अनुपालन और सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता पर दिखेगा।
