रात में रहस्यमय ढंग से लापता हुए दो नाबालिग छात्र, चार दिन बाद भी सुराग नहीं
भोपाल के रातीबड़ क्षेत्र स्थित एक सरकारी आवासीय विद्यालय से कक्षा 9 के दो छात्र रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुए चार दिन बीत चुके हैं,...

भोपाल के रातीबड़ क्षेत्र स्थित एक सरकारी आवासीय विद्यालय से कक्षा 9 के दो छात्र रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुए चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक उन्हें खोज नहीं पाई है। 12 और 13 दिसंबर की दरम्यानी रात से गायब हुए इन नाबालिगों की तलाश में कई टीमें लगी हैं, पर ठोस सुराग अब भी हाथ नहीं लगा है।
कब और कैसे हुए छात्र लापता
पुलिस के अनुसार, दोनों छात्र करीब 16 वर्ष के हैं और बेरसिया क्षेत्र के निवासी हैं। वे सरकारी आवासीय विद्यालय में कक्षा 9 में अध्ययनरत थे और किसान परिवारों से ताल्लुक रखते हैं।
12 दिसंबर की शाम स्कूल परिसर में शरारत करते पाए जाने पर शिक्षकों ने उन्हें फटकार लगाई थी और चेतावनी दी थी कि अगले दिन उनके अभिभावकों को बुलाया जाएगा।
इसी के बाद, 13 दिसंबर की रात करीब 1 बजे दोनों छात्र हॉस्टल से गायब हो गए। उनकी अनुपस्थिति का पता अगली सुबह चला, जिसके बाद स्कूल प्रबंधन ने रातीबड़ पुलिस को सूचना दी।
पुलिस जांच और मिले शुरुआती संकेत
रातीबड़ थाना पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। थाना प्रभारी आर.बी. शर्मा के मुताबिक, जांच के दौरान यह सामने आया कि 13 दिसंबर की सुबह करीब 5:40 बजे दोनों छात्रों को नीलबड़ इलाके में देखा गया था।
इसके बाद उसी दिन दोपहर में नाथू बरखेड़ा क्षेत्र में वे एक ट्रैक्टर पर सवार नजर आए।
सीसीटीवी में नहीं मिले फुटेज
हालांकि पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि दोनों छात्र किसी भी सीसीटीवी कैमरे में कैद नहीं हुए हैं। इससे उनकी सही दिशा और मूवमेंट का पता लगाने में दिक्कत हो रही है।
पुलिस को मुगलियाछाप गांव के एक ट्रैक्टर चालक ने बताया कि दोनों छात्रों ने उससे लिफ्ट ली थी, लेकिन इसके बाद वे कहां गए, इसकी जानकारी फिलहाल नहीं मिल पाई है।
तलाश तेज, परिवारों की चिंता बढ़ी
पुलिस ने कई टीमों को अलग-अलग संभावित इलाकों में तैनात किया है और ग्रामीण क्षेत्रों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन व आसपास के गांवों में पूछताछ की जा रही है।
वहीं छात्रों के परिजन गहरे सदमे और चिंता में हैं। पुलिस का कहना है कि हर संभावित एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही कोई ठोस जानकारी मिलने की उम्मीद है।
क्यों गंभीर है यह मामला
सरकारी आवासीय विद्यालय से नाबालिग छात्रों का इस तरह गायब हो जाना सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े करता है। यह घटना न सिर्फ अभिभावकों की चिंता बढ़ाती है, बल्कि छात्रावासों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की जिम्मेदारी भी रेखांकित करती है।
