सागर में भीषण सड़क हादसा: बम निष्क्रिय दल के चार जवान शहीद, एक गंभीर रूप से घायल
राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर बुधवार तड़के हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे पुलिस विभाग को झकझोर कर रख दिया। मुरैना से ड्यूटी पर लौट रहे...
राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर बुधवार तड़के हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे पुलिस विभाग को झकझोर कर रख दिया। मुरैना से ड्यूटी पर लौट रहे बम खोज एवं निष्क्रियकरण दस्ते (Bomb Detection & Disposal Squad) के चार जवान एक कंटेनर ट्रक से टक्कर में मौके पर ही शहीद हो गए, जबकि एक अन्य सदस्य की हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
कैसे हुआ हादसा?
हादसा सुबह करीब 4 बजे सागर जिले के बांदरी और मालथोन के बीच NH-44 पर हुआ।
बांदरी थाना प्रभारी सुमेर जगत के अनुसार, पुलिस का वाहन उस समय सीधे एक कंटेनर ट्रक से टकरा गया, जो कथित रूप से गलत दिशा में खड़ा हुआ था। टक्कर इतनी भीषण थी कि पुलिस वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
चार जवानों की मौके पर ही मौत
हादसे में शहीद हुए कर्मियों की पहचान इस प्रकार है:
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कॉन्स्टेबल प्रद्युम्न दीक्षित, मुरैना
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कॉन्स्टेबल अमन कौरव, मुरैना
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ड्राइवर परामलाल तोमर, मुरैना
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डॉग मास्टर विनोद शर्मा, भिंड
दस्ते के साथ मौजूद कॉन्स्टेबल राजीव चौहान गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें तुरंत भोपाल के बंसल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति अत्यंत चिंताजनक है।
स्क्वाड के साथ मौजूद सर्च डॉग सुरक्षित बच गया।
स्थानीय प्रशासन की त्वरित राहत कार्रवाई
हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया।
चारों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर कंटेनर ट्रक के ड्राइवर की तलाश शुरू कर दी है, जो घटना के बाद मौके से फरार हो गया।
प्रारंभिक जांच में क्या सामने आया?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में ऐसा प्रतीत होता है कि:
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पुलिस वाहन के चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया,
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वहीं सामने गलत दिशा में खड़े कंटेनर ने दुर्घटना को और गंभीर बना दिया।
फोरेंसिक टीम और हाईवे पेट्रोल यूनिट पूरे हादसे के तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब हाईवे पर भारी वाहनों का गलत दिशा में खड़ा होना या ओवरस्पीडिंग को लेकर लगातार चिंताएं उठाई जा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि:
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NH-44 जैसे व्यस्त मार्ग पर अनियमित पार्किंग बेहद खतरनाक है,
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और ऐसे मामले कई राज्यों में जानलेवा दुर्घटनाओं का कारण बनते रहे हैं।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना सड़क प्रबंधन व्यवस्था और भारी वाहनों पर निगरानी को और सख्त करने की आवश्यकता को उजागर करती है।
